परीक्षा की तैयारी के पूर्व अपनी मजबूती व कमजोरी के बारे में समझना जरूरी
रांची : सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थी सिलेबस देख कर वैकल्पिक विषय का चयन करें. वैकल्पिक विषय के चयन में सावधानी नहीं बरतने पर तैयारी प्रभावित हो सकती है. विषय का चयन सोच-समझ कर करें. परीक्षा की तैयारी शुरू होने के बाद विषय में बदलाव करने से काफी परेशानी होती है.
यह बातें एसडीओ अंजली यादव ने गुरुवार को सिविल सेवा की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों के लिए आयोजित सेमिनार में कही. सेमिनार का आयोजन नेशनल एसोसिएशन ऑफ सिविल सर्वेंट के तत्वावधान में रांची महिला कॉलेज में किया गया. उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी में ग्रुप भी काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है.
तैयारी शुरू करने के पहले यूपीएससी के चार से पांच साल के प्रश्नों की समीक्षा कर लें. यूपीएससी की परीक्षा में 78वां रैंक प्राप्त करनेवाली प्रतिभा रानी ने कहा कि उद्देश्य के साथ परीक्षा की तैयारी शुरू करें. जिला शिक्षा पदाधिकारी रतन कुमार महावर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.
परीक्षा में 19वां रैंक प्राप्त करनेवाले अभिजीत सिन्हा ने कहा कि परीक्षा की तैयारी के पूर्व विद्यार्थी को अपनी मजबूती व कमजोरी के बारे में समझना होगा.
संकल्प के साथ आगे बढ़ें, प्रारंभ में अगर सफलता नहीं मिले तो घबरायें नहीं. एनसीइआरटी की किताब पढ़ें. विषय के सिलेबस की पूरी जानकारी रखें. परीक्षा में 79वां रैंक प्राप्त करनेवाले रवि आनंद ने कहा कि यूपीएससी की तैयारी के लिए विद्यार्थी पूरी तरह सिलेबस पर फोकस करें.
उन्होंने कहा कि सात से आठ घंटे की पढ़ाई परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त है. परीक्षा में 446 रैंक प्राप्त करने वाली रिशू प्रिया ने कहा कि परीक्षा की तैयारी में सभी विषयों पर बराबर ध्यान दें. सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी में विद्यार्थी कितने घंटे की पढ़ाई करते हैं, इससे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि वे नियमित पढ़ाई करें.
