रांची: नक्शा पास करने में वसूली अधिक से अधिक हो, इसके लिए नगर निगम के नियमों में भारी फेरबदल किया गया है. पूर्व के निगम अधिकारियों द्वारा आम जनता की सहूलियत के लिए नक्शा जमा करने से लेकर पास कराने तक के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गये थे.
जिसे अब बदल दिया गया है. नये नियम ऐसे बने हैं कि लोग इसमें पहले तो उलझ जायें, फिर थक हार कर हथियार डाल दें.
दैनिक वेतनभोगी करता है नोटिंग: सीइओ कार्यालय में नक्शा जमा करने के बाद कागजात जांच के लिए जहां नक्शे को विधि परामर्शी के पास भेज दिया जाता है वहीं विधि परामर्शी के कार्यालय में नक्शे की फाइलों पर अब्दुल सत्तार नामक कर्मचारी नोटिंग करता है. गौर करने की बात है कि अब्दुल सत्तार निगम का कोई कर्मचारी नहीं है, बल्कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी है लेकिन निगम अधिकारियों की मेहरबानी के कारण ये अपने सेक्शन में बादशाह माना जाता है और फाइलों पर नोटिंग करने के एवज में प्रति नक्शा फीस लेता है.
