घर की आस में सात साल से झोपड़ियों में रह रहे हैं इस्लाम नगर के लोग

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
वार्ड परिक्रमा. अप्रैल 2011 में प्रशासन द्वारा ढाह दिये गये थे 800 कच्चे-पक्के मकान
रांची: जल्द ही होनेवाले रांची नगर निगम चुनाव के मद्देनजर ‘चुने अपने शहर की सरकार’ अभियान के तहत प्रभात खबर की टीम ने गुरुवार को वार्ड नंबर-16 का दौरा किया. अन्य समस्याओं के अलावा इस वार्ड में जो सबसे बड़ी समस्या है, वह इस्लाम नगर के लोगों से जुड़ी हुई है. हाइकोर्ट के आदेश के बावजूद यहां के लोगों को सात साल बाद भी स्थायी आवास नहीं मिला है. मजबूरन यहां के लोग पॉलिटेक्निक की जमीन पर झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं.
गौरतलब है कि वार्ड नंबर-16 में पॉलिटेक्निक की जमीन पर बने घरों को हटाने के लिए अप्रैल 2011 में सबसे बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था. इस दौरान 800 से अधिक कच्चे-पक्के मकानों को बुलडोजर लगाकर ध्वस्त कर दिया गया था. दो दिनों तक चले इस अभियान का जबरदस्त विरोध भी हुआ. विरोध में पुलिस की गोली से दो युवकों की मौत भी हुई थी. वर्ष 2012 में झारखंड हाइकोर्ट ने आदेश दिया कि जिस जमीन से लोगों को बेघर किया गया है, उसी जमीन पर राज्य सरकार अतिक्रमणकारियों को आवास बना कर दे, लेकिन आज तक इन लोगों को पक्की छत नसीब नहीं हुई है. इस संबंध में वार्ड पार्षद नाजिमा रजा कहती हैं कि 444 फ्लैट निर्माण की सारी प्रक्रिया राज्य सरकार के स्तर से पूरी कर ली गयी है. जल्द ही अावास निर्माण का कार्य शुरू हो जायेगा.
निगम के मनमाने बिल से भी परेशान हैं लोग
वार्ड के लोगों ने प्रभात खबर की टीम को बताया कि नगर निगम द्वारा मनमाने तरीके से पानी का बिल भेजा जा रहा है. किसी को वर्ष 2008 से जोड़कर 36 हजार का तो किसी को 60 हजार का बिल भेज दिया गया है. लोगों ने इसकी शिकायत नगर निगम में भी की है, लेकिन इस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
अप्रैल 2011 में सबसे बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था इस्लाम नगर में
बुलडोजर लगाकर ध्वस्त कर दिये गये थे यहां बने 800 से ज्यादा कच्चे-पक्के मकान
हाइकोर्ट ने सरकार को दिया था आदेश अतिक्रमणकारियों के लिए वहीं बनायें आवास
आज तक नहीं मिला आवास, पार्षद ने कहा आवास निर्माण की सारी प्रक्रिया पूरी
वार्ड की प्रमुख समस्याएं
वार्ड के हर मोहल्ले में सप्लाई पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति नहीं होती है
सड़कों की हालत तो ठीक है, लेकिन नालियां कचरे से जाम रहती हैं
वार्ड में साफ सफाई की स्थिति भी ठीक नहीं है
डोर टू डोर कूड़ा उठाव का काम भी संतोषजनक नहीं
इस बार ओबीसी के लिए आरक्षित हुआ वार्ड
आगामी चुनाव के मद्देनजर किये गये नये परिसीमन के तहत इस वार्ड का नंबर तो नहीं बदला, लेकिन आरक्षण रोस्टर में इस वार्ड को जेनरल के बजाय ओबीसी के लिए आरक्षित कर दिया गया है. इस वार्ड की आबादी 21078 चिह्नित की गयी है. नये रोस्टर के हिसाब से इस बार यहां किसी ओबीसी को वार्ड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया जायेगा.
यह है वार्ड की चौहद्दी
उत्तर में : कांटाटोली चौक से डंगरा टोली चौक होते हुए पुरुलिया रोड में गायत्री टावर तक.
दक्षिण में : करबला चौक से बहू बाजार पेट्रोल पंप तक.
पूरब में : कांटाटोली से बहू बाजार पेट्रोल पंप तक.
पश्चिम में : पुरुलिया रोड में गायत्री टावर के बगल वाली गली से पत्थलकुदवा चौक, गुदड़ी चौक होते हुए करबला चौक तक.
पांच वर्षों में वार्ड में ये काम हुए
1. वार्ड के 1100 लोगों का राशन कार्ड बनाये गये और पीएम अावास योजना के तहत 80 आवास बनवाये.
2. करबला चौक स्थित रैन बसेरा को दुरुस्त किया गया, इसके समीप सुलभ शौचालय का निर्माण किया गया.
3. जिला योजना समिति के माध्यम से एक करोड़ में बहूबाजार से बसर टोली होते हुए कांटाटोली तक सड़क व नाली का निर्माण कराया.
4. पानी टंकी के पास से अतिक्रमण हटाकर वहां डंपिंग यार्ड का निर्माण कराया, जहां पांच वार्डों का कचरा जमा होता है.
5. मिसिंग लिंक के तहत वार्ड के कई मोहल्लों में पाइप लाइन बिछायी गयी.
6. 200 से अधिक शिक्षित बेरोजगार को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया गया.
7. वार्ड कार्यालय के समीप दवाई दोस्त खोला गया, जहां सस्ती दर दवाएं मिलती हैं.
    Share Via :
    Published Date
    Comments (0)
    metype

    संबंधित खबरें

    अन्य खबरें