मौत से लड़ रही है इंसेफलाइटिस से पीड़ित मासूम सरिता

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रांची : चतरा की रहनेवाली आठ साल की सरिता मौत से लड़ रही है. वह मेनिंगो इंसेफलाइटिस से पीड़ित है अौर रिम्स के शिशु विभाग के पीआइसीयू में भरती है. डॉक्टरों के अनुसार बच्ची को तीन दिन पहले भरती किया गया था. वह अब भी बेहोश है और उसे लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है. हालांकि, इलाज शुरू होने से उसकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ है.

सरिता के पिता कारू भुइयां ने बताया कि बच्ची तीसरी कक्षा में पढ़ती है. चार दिन पहले उसने अपनी मां को बताया था कि उसके सिर में तेज दर्द हो रहा है. इसके बाद उसे उल्टी शुरू हो गयी. इसके बाद वह बेहोश हो गयी. आनन-फानन में बच्ची को नजदीक के अस्पताल में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने रिम्स ले जाने की सलाह दी. दो जुलाई को उसे रिम्स में भरती कराया गया. वहीं, विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि बरसात शुरू हो चुकी है. इस मौसम में मच्छर जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी. इससे बचने के लिए सर्तकता बरतना जरूरी है़ मच्छरदानी का प्रयोग लोगों को अवश्य करना चाहिए.
क्या है मेनिंगो इंसेफलाइटिस
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ मिन्नी रानी अखौरी ने बताया कि मेनिंगो इंसेफलाइटिस से ब्रेन प्रभावित होता है. ब्रेन में सूजन हो जाती है. इससे बेहोशी की समस्या आ जाती है. ब्रेन में सूजन आने के बाद रिकवरी में समय लगता है. इसके बावजूद ब्रेन डैमेज हो जाता है. ठीक होने के बावजूद मेमोरी लॉस और पैर-हाथ में कमजोरी की समस्या रह जाती है.
कई मलेरिया-डायरिया से पीड़ित
रिम्स के शिशु विभाग में मलेरिया और डायरिया से पीड़ित एक दर्जन से ज्यादा बच्चे भरती किये गये हैं. कुछ बच्चे सिलेब्रल मलेरिया से भी पीड़ित हैं. बच्चों को इलाज पीडिया वन व पीडिया टू के अलावा पीआइसीयू में भी चल रहा है. इसमें कई बच्चों में बेहोश होने की समस्या भी है. हालांकि, रिम्स में भरती होने के बाद से बच्चों की हालत में सुधार हो रहा है.
इन बच्चों का हो रहा इलाज
श्याम पूर्ति निवासी खूंटी, प्रिया कुमारी निवासी देवघर, साेनम कुमारी निवासी गढ़वा, अनुष्का कुमारी निवासी गढ़वा, सोनिया फातमी निवासी रांची, राकेश कुमार निवासी चतरा, मनीषा गोप निवासी खूंटी, बंटी कुमार निवासी रामगढ़.
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