रांची: झारखंड सरकार नक्सलवाद की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए वचनबद्ध है. जो प्रयास किये गये, उस कारण राज्य में नक्सली घटनाओं में 50% की कमी आयी है. नक्सली कुछ हिस्सों में सिमट कर रह गये हैं. अगर थोड़ा और प्रयास करें, तो इस साल के अंत तक नक्सल समस्या खत्म हो जायेगी. यह बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने यूनिफाइड कमांड की बैठक में कही.
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्यों से सटे क्षेत्रों में प्रखंड व थाना स्तर पर समन्वय बनाकर काम करें. सीमा से सटे दो किमी तक के गांवों में विकास का कार्यक्रम प्रारंभ किया जाये. सिक्यूरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर (एसआरइ) पर राज्य सरकार
अब तक 314 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है. यह राशि केंद्र पर बकाया है. मुख्यमंत्री ने बैठक में उपस्थित गृह मंत्रालय के अधिकारी से आग्रह किया कि बकाये राशि का भुगतान किया जाये. साथ ही झारखंड पुलिस को एक हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराया जाये. उन्होंने कहा कि रांची में नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) की शाखा भी जल्द खुलेगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि गृह सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक हर माह हो और उस बैठक में जो मामले आये, उसका निराकरण किया जाये. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हर तीन माह में बैठक होगी. जिसमें हर माह होनेवाली बैठकों की समीक्षा की जायेगी. उन्होंने निर्देश दिया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस कैंप खोल कर इंटिग्रेटेड डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत की जाये. बैठक में बताया कि वर्ष 2012 में राज्य में 180 नक्सली घटनाएं हुई थी, जबकि वर्ष 2016 में सिर्फ 67 ही. पिछले तीन सालों में नक्सली घटनाओं में कमी आयी है. साथ ही बताया गया कि राज्य में जल्द ही तीन इंडिया रिजर्व बटालियन का गठन होगा.
अपराधियों को उग्रवाद से नहीं जोड़ें
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग डर का माहौल बनाकर लेवी वसूल रहे हैं. वह नक्सली नहीं, अपराधी हैं. उन पर अंकुश लगायें. जिला में यूनिफाइड कमांड की तर्ज पर डीसी-एसपी की कमेटी बनायी जाये, जो नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई की रणनीति बनायेंगे. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उग्रवादी घटनाओं में शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों व मृत आम लोगों के आश्रित से हर साल मिलें. उग्रवादियों के साथ-साथ उनके संरक्षकों पर भी कड़ी नजर रखें और कार्रवाई करें. क्षेत्रों में तैनात जवानों को अच्छी सुविधा मिले, इसका खास ध्यान रखें.
केंद्र से आये अधिकारी ने कहा झारखंड में अच्छा काम हुआ
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अपर सचिव जयदीप गोविंद ने कहा कि झारखंड में उग्रवाद समस्या को दूर करने के लिए अच्छा काम हुआ है. इसके लिए राज्य सरकार की पूरी टीम बधाई की पात्र है. यहां के आंकड़े पूरे देश के लिए उत्साहवर्द्धक और प्रेरक हैं. छोटे-छोटे कदम उठा कर राज्य को उग्रवाद मुक्त कराया जा सकता है. राज्य सरकार का पूरा सहयोग केंद्रीय बलों को मिल रहा है.
केंद्र फोर्स न हटाये
मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने कहा कि राज्य उग्रवाद मुक्त होने की दिशा में बढ़ रहा है. फिलहाल केंद्र सरकार फोर्स न हटाये. कुछ साल फोर्स रहने से उग्रवादी फिर से झारखंड में नहीं पनपेंगे. राज्य में विकास कार्य भी तेजी से हो रहा है.
