पतरातू. पतरातू-रांची मुख्य सड़क मार्ग पर हेसला पंचायत स्थित पेट्रोल पंप के समीप नींबू बगान क्षेत्र में इन दिनों गंदगी का अंबार लगा हुआ है. सड़क किनारे और नालियों में बड़े पैमाने पर कचरा फेंके जाने से पूरा इलाका प्रदूषण और दुर्गंध की चपेट में आ गया है. लेक रिजॉर्ट से महज 500 मीटर की दूरी पर पड़ा कचरे का ढेर प्रतिदिन राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास के निवासियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, आसपास संचालित होटल, रिसॉर्ट, ढाबा और ठेला-खोमचा संचालक अपने प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित स्थान पर डालने के बजाय सीधे सड़क किनारे, खाली जमीन और नालियों में फेंक देते हैं. इससे प्लास्टिक, खाने-पीने के अवशेष और अन्य अपशिष्ट का ढेर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. गर्मी के मौसम में तेज धूप के कारण कचरे से उठने वाली दुर्गंध दूर-दूर तक फैल जाती है, जिससे लोगों का उस रास्ते से गुजरना मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा मक्खियों और मच्छरों की संख्या भी बढ़ रही है, जिससे बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है. समस्या लंबे समय से है, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं की गयी है
नागरिकों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. कई बार शिकायत करने के बावजूद नियमित सफाई नहीं हो पाती, जिससे कचरा फिर से जमा हो जाता है. स्वच्छ भारत अभियान के दावों के बीच इस तरह की स्थिति कई सवाल खड़े करती है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में कचरा निस्तारण की समुचित व्यवस्था की जाये, नियमित सफाई सुनिश्चित की जाये और खुले में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये. साथ ही, संबंधित व्यवसायियों को भी जिम्मेदारी निभाते हुए स्वच्छता बनाये रखने की अपील की गयी है. नागरिकों का मानना है कि यदि प्रशासन और समाज मिलकर प्रयास करें तो क्षेत्र का वातावरण साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाया जा सकता है...सड़क किनारे कचरे का अंबार, दुर्गंध से राहगीर परेशान
पतरातू-रांची मुख्य सड़क मार्ग पर हेसला पंचायत स्थित पेट्रोल पंप के समीप नींबू बगान क्षेत्र में इन दिनों गंदगी का अंबार लगा हुआ है.
