प्रतिनिधि, रामगढ़ झारखंड सरकार का बजट तीन मार्च को पेश होगा. बजट को लेकर राज्य के लोग काफी आशान्वित हैं. शिक्षाविद बजट में रिसर्च को बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं. बजट को लेकर शिक्षाविद ने अपनी राय दी है. डॉ रत्ना पांडेय ने कहा कि बजट में रिसर्च को बढ़ावा देने का प्रावधान होना चाहिए. वोकेशनल कोर्स के लिए बजट में राशि बढ़ाने के लिए प्राथमिकता मिलनी चाहिए. डॉ रणविजय देव ने कहा कि प्राइमरी से लेकर हायर एजुकेशन के लिए बजट को बढ़ाना चाहिए. शिक्षा जितनी आधुनिक होगी, उसका फायदा समाज के युवाओं को विशेष रूप से मिलेगा. डॉ राजेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि उच्च शिक्षा को बजट में प्राथमिकता मिलनी चाहिए. इसमें रिसर्च को भी शामिल करना चाहिए. नये अनुसंधान से शिक्षा में परिवर्तन होगा. शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बजट में स्थान मिलना चाहिए. रामगढ़ महिला कॉलेज की प्रभारी प्राचार्या प्रो सरिता सिंह ने कहा कि शिक्षा का बजट कम है. इसे बढ़ाना चाहिए. हाई रिसर्च को बढ़ाना चाहिए. उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना होगा. डॉ शहनबाज खान ने कहा कि बजट में शैक्षणिक विकास पर फोकस देना चाहिए. प्रो बीरबल महतो ने मातृभाषा एवं झारखंडी साहित्यकारों की पांडुलिपियों के लिए बजट में राशि आवंटित करने की बात कही. प्रो मो साजिद हुसैन ने बजट में शिक्षा पर अधिक ध्यान देते हुए इसे बढ़ाने की मांग की. डॉ बक्शी ओम प्रकाश सिन्हा ने कहा कि एजुकेशन को प्राथमिकता के साथ गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए बजट में प्रावधान हो.
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