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Jharkhand news: बिचौलिये के सक्रिय होने से आधी कीमत में धान बेचने को मजबूर हैं रामगढ़ के किसान

रामगढ़ के गोला, दुलमी और चितरपुर ब्लॉक के किसान इनदिनों आधी कीमत पर धान बेचने को मजबूर हैं. यहां के किसानों के बीच बिचौलिया हावी है. समय पर धान अधिप्राप्ति केंद्र नहीं खुलने से किसान औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर हैं.

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
Jharkhand news: रामगढ़ के लारी स्थित राइस मिल में विभिन्न वाहनों से पहुंचाया गया धान.
Jharkhand news: रामगढ़ के लारी स्थित राइस मिल में विभिन्न वाहनों से पहुंचाया गया धान.
प्रभात खबर.

Jharkhand News: अच्छी बारिश की वजह से इस साल रामगढ़ जिला अंतर्गत गोला, दुलमी और चितरपुर प्रखंड क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर धान फसल की उपज हुई है. लेकिन, समय पर धान अधिप्राप्ति केंद्र नहीं खुलने के कारण किसान आधी कीमत पर धान बेचने को मजबूर हो रहे हैं. जिससे किसानों को बड़ी आर्थिक क्षति हो रही है. वहीं, दूसरी ओर राइस मिल द्वारा किसानों से ओने-पोने दामों में धान की खरीदारी की जा रही है. जिसका सीधा लाभ राइस मिल को मिल रहा है. वहीं, बिचौलिये किसानों के खेतों तक पहुंच कर धान की खरीदारी कर रहे हैं.

जानकारी के अनुसार, गोला, दुलमी और चितरपुर प्रखंड कृषि बाहुल्य क्षेत्र है. यहां के 70-80 फीसदी लोग धान की खेती करते हैं. क्षेत्र में पिछले कई दिनों से धनकटनी किसान जोरों से धान निकाल रहे हैं. खराब मौसम को देखते हुए किसान धान को खलिहान में ना रखकर जल्दबाजी में बेचने में लगे हुए हैं. फलस्वरूप किसान कड़ी मेहनत से उपजाये धान को बिचौलिये के हाथ महज 10-11 रुपये प्रति किलो बेचने को मजबूर है. जबकि सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति किलो धान 20.50 रुपये निर्धारित किया गया है.

क्षेत्र में राइस मिल के दलाल सक्रिय

समय पर धान अधिप्राप्ति केंद्र नहीं खोले जाने के कारण पूरे क्षेत्र में राइस मिल के कई दलाल सक्रिय हैं. ये दलाल किसानों को बरगलाकर ओने-पोने दामों में उनसे धान की खरीदारी कर रहे हैं, जबकि राइस मिल से इसी धान का चावल 40-50 रुपये किलो बिकता है.

क्या कहते हैं किसान

गोला प्रखंड क्षेत्र के कोरांबे गांव के किसान उत्तम कुमार कुशवाहा ने कहा कि इस बार धान की अच्छी पैदावार हुई है. इसका लाभ किसानों को मिलना चाहिए. धनकटनी शुरू होते ही तुरंत धान अधिप्राप्ति केंद्र खुलना चाहिए, ताकि किसान अपने धान को सरकार के पास ही बेच सके. वहीं, रोला बगीचा के किसान मिथिलेश कुमार ने कहा कि धनकटनी के बाद कई किसान धान अधिप्राप्ति केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे हैं. जिन किसानों को पैसे की जरूरत है, वो किसान मजबूरी में धान को आधी कीमत में बेच रहे हैं. भुभई के किसान जितेंद्र बेदिया का कहना है कि विलंब से धान अधिप्राप्ति केंद्र खुलने से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है.

दलालों के हाथों ना बेचे धान : डीएसओ

जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुदर्शन मुर्मू ने प्रभात खबर से बातचीत कर कहा कि 15 दिसंबर से धान की खरीदारी शुरू होगी. इसके लिए पूरे जिले में 15 धान अधिप्राप्ति केंद्र खोले गये. इसलिए किसान अपने धान को दलालों के हाथों ना बेचे और धान अधिप्राप्ति केंद्र खुलने का इंतजार करें. उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा धान खरीदारी के लिए 20.50 रुपये प्रति किलो दर निर्धारित किया गया है. पैक्स में धान बेचने से किसानों को अधिक मुनाफा होगा. कहा कि पिछले वर्ष जिला में एक लाख दस हजार क्विंटल धान की खरीदारी की गयी थी. इस वर्ष पिछले वर्ष से दोगुना धान खरीदारी का लक्ष्य रखा गया है. धान बेचने के लिए जिले में अबतक 4500 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराये हैं. इसके अलावे जो नये किसान हैं, वो भी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.

रिपोर्ट: सुरेंद्र कुमार/शंकर पोद्दार, रजरप्पा, रामगढ़.

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