Patratu: PVUNL (पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड) पावर प्लांट में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब आरपीपी कंपनी के इकाई संख्या दो में इरेक्शन और परीक्षण कार्य के दौरान डक्ट डमी अचानक ब्लास्ट हो गया. यह घटना यूनिट संख्या एक और दो के बीच घटी, जिसमें मौके पर काम कर रहे दर्जनों मजदूर घायल हो गए. मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, काम के दौरान अचानक तेज आवाज के साथ डक्ट डमी में विस्फोट हुआ, जिससे आसपास काम कर रहे मजदूर घबरा गए और कई मजदूर उसकी चपेट में आकर घायल हो गए. घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए कामकाज ठप हो गया.
घायलों का अस्पताल में हो रहा है इलाज
घटना की जानकारी मिलते ही प्लांट प्रबंधन एवं सुरक्षा विभाग हरकत में आया. घायल मजदूरों को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए पीटीपीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा सभी घायलों की जांच की गई और प्राथमिक उपचार किया गया. अधिकारियों ने बताया कि सभी मजदूरों की स्थिति सामान्य है और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई. प्रबंधन की ओर से बताया गया कि घटना के तुरंत बाद संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए गए और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में कर लिया गया. इसके बाद संयंत्र में कार्य को पुनः सामान्य रूप से जारी कर दिया गया है.
भय के साये में हैं मजदूर
हालांकि, मजदूरों के बीच भय और असुरक्षा की भावना है. घटना के कारणों का पता लगाने के लिए भेल एवं पीवीयूएनएल प्रबंधन द्वारा एक तकनीकी टीम गठित की जाएगी. टीम पूरे मामले की गहन जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. बताया गया कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. इधर, घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र के पत्रकारों के साथ-साथ भारी संख्या में मजदूर पीटीपीएस अस्पताल पहुंचे. इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सीआईएसएफ के जवानों ने अस्पताल गेट पर ही लोगों को अंदर जाने से रोक दिया, जिससे कुछ देर तक वहां तनाव की स्थिति बनी रही. इस हादसे में घायल मजदूरों में जगदीश यादव, पूरन यादव, मुरारी यादव, महेंद्र चौधरी, उमेश कुमार, तबरेज आलम, असत गुज्जा सिंह, सीके दत्ता, शशि भूषण, विकास कुमार, आशीष गुप्ता समेत अन्य मजदूर शामिल हैं.
विस्थापित नेता ने कंपनी पर लगाया आरोप
घटना की कड़ी निंदा करते हुए विस्थापित नेता आदित्य नारायण साहू ने कहा कि पीवीयूएनएल प्लांट में लगातार हो रही दुर्घटनाएं यह साबित करती हैं कि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है. मजदूरों की जान सबसे महत्वपूर्ण है. यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने प्रबंधन से मजदूरों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. इस घटना के बाद एक बार फिर पीवीयूएनएल प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है. मजदूरों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्लांट में कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दुबारा न हो.
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