पारसनाथ पहाड़ी को अतिक्रमणमुक्त करने को लेकर धरना

पारसनाथ पहाड़ी को अतिक्रमणमुक्त करने को लेकर धरना

रामगढ़. मारंग बुरू पारसनाथ, पीरटांड़ गिरीडीह देवस्थल के संबंध में विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में आदिवासी-मूलवासी समाज ने धरना दिया. धरने के बाद राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया. इसमें बताया गया कि मारंग बुरू पीरटांड़ को संताल आदिवासियों का देवस्थल है. आदिवासी समाज वहां पूजा करते आ रहा है, लेकिन जैन समुदाय केंद्र व न्यायालय को गुमराह कर संतालियों की प्रथागत पूजा व सेंदरा से वंचित करने की साजिश कर रहा है. जैन समुदाय द्वारा मारंग बुरू पहाड़ का अतिक्रमण कर मठ-मंदिर बनाया गया है. सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच कराने,आदिवासियों की पहचान के लिए झारखंड विधानसभा से पारित सरना आदिवासी धर्म कोड लागू करने तथा मारंग बुरू संस्था के संस्थापक स्व अजय की हत्या की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की गयी है. मौके पर एतो बास्के, जयवीर हांसद, पन्नालाल मुर्मू, कैलाश मांझी, जकात मांझी, रामलाल मांझी, नन्हू मुर्मू, भोला मुर्मू, चेतलाल हेंब्रम, करमा मांझी, सीताराम मांझी, मनोज मुर्मू, प्रदीप सोरेन, जोधन किस्कू, रामसिंह मरांडी, महेश सोरेन, सुरेश मांझी, मनकी टुड्डू, बीरबल मरांडी शामिल थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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