घाटोटांड़. सीसीएल की कोतरे बसंतपुर पचमो परियोजना (केबीपी प्रोजेक्ट) को लेकर ग्रामीण रैयतों व प्रबंधन के बीच अनबन शुरू है. इस घटना को लेकर दोनों तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया है. केबीपी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड की ओर से ग्रामीणों पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करा कर 14 ग्रामीणों को नामजद और अन्य ग्रामीणों को अभियुक्त बनाया गया है. इसमें कहा गया है कि खनन स्थल पर मशीन ले जाने के दौरान ग्रामीणों ने मशीन ले जाने से रोकते हुए कंपनी के कर्मचारियों के साथ मारपीट की. बसंतपुर पचंडा गांव की महिला राधिका देवी ने केबीपी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों पर छेड़खानी करते हुए वीडियो बनाने का आरोप लगाया है. कहा है कि उसके गांव का एक युवक महादेव महतो सड़क जाम के बीच पुल के पास गिर कर बेहोश था. इसकी सूचना पाकर वह अन्य महिलाओं के साथ उसे देखने जा रही थी. इसी बीच, एक गाड़ी के आगे खड़ा होकर केबीपी माइनिंग के दो कर्मचारी तिलक व पवन उनका वीडियो बनाते हुए अश्लील हरकत करने लगे. विरोध करने पर बदसलूकी करते हुए छेड़खानी की गयी. उधर, बसंतपुर पचंडा के ग्रामीण गोलबंद होकर इस घटना सहित प्रबंधन का विरोध कर रहे हैं. ग्रामीणों ने कहा कि पहले वह जमीन के बदले नौकरी व मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे. परंतु अब वह लोग अपने स्वाभिमान व जमीन की रक्षा के लिए लड़ेंगे. प्रबंधन के रवैये से क्षुब्ध ग्रामीणों ने कहा कि अब वह लोग अपनी जमीन केबीपी को नहीं देंगे. उल्लेखनीय है कि केबीपी प्रोजेक्ट में खनन कार्य शुरू करने को लेकर प्रबंधन 23 फरवरी को भूमि पूजन करने गया था. इसका ग्रामीणों ने विरोध किया था. विरोध के कारण बिना मशीन के ही भूमि पूजन कर दिया गया.
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