विस्थापितों ने उरीमारी परियोजना का काम रोका

वार्ता के बाद शुरू हुआ उत्पादन लोकल सेल में 50 गाड़ी कोयला प्रतिदिन देने की मांग उरीमारी : विस्थापित संघर्ष मोरचा उरीमारी पोटंगा पंचायत के बैनर तले अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर विस्थापित ग्रामीणों ने सोमवार अहले सुबह से बरका-सयाल क्षेत्र की उरीमारी परियोजना में काम-काज ठप कर दिया. अहले सुबह ही विसंमो के […]

वार्ता के बाद शुरू हुआ उत्पादन
लोकल सेल में 50 गाड़ी कोयला प्रतिदिन देने की मांग
उरीमारी : विस्थापित संघर्ष मोरचा उरीमारी पोटंगा पंचायत के बैनर तले अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर विस्थापित ग्रामीणों ने सोमवार अहले सुबह से बरका-सयाल क्षेत्र की उरीमारी परियोजना में काम-काज ठप कर दिया. अहले सुबह ही विसंमो के कार्यकर्ता व पदाधिकारी पोटंगा वर्कशॉप व क्वायरी पहुंचे. यहां उत्पादन कार्य को ठप करा दिया. किसी भी मशीन को खदान के अंदर नहीं जाने दिया.
इसका नेतृत्व विसंमो के सचिव महादेव बेसरा, पंसस कानू मरांडी, चरका करमाली, दशाराम हेंब्रम, सुरेश मांझी कर रहे थे. नेताओं ने कहा कि उरीमारी परियोजना प्रबंधन हमारी मांगों को वर्षों से लटकाये हुए है. जमीन अधिग्रहण के बावजूद सुरेश मांझी को नौकरी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है. इसी तरह उरीमारी के हजारों विस्थापित ग्रामीणों के रोजगार का एकमात्र साधन रोड सेल में ट्रकों को कोयला उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है.
इसके कारण लोग बेरोजगार हो गये हैं. लोगों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. इस दौरान विसंमो के कार्यकर्ता लगातार प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. बाद में परियोजना प्रबंधन, पुलिस-प्रशासन व विसंमो प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई. इसके बाद सुबह 10 बजे से उरीमारी परियोजना में उत्पादन कार्य शुरू हुआ. बंद करानेवालों में बासुदेव सोरेन, कजरू उरांव, महेश गंझू, रवि पंवरिया, शिगू हेंब्रम, कृष्णा किस्कू, मन्नु टुडू, तालो बेसरा, सुरेश मांझी प्रमुख रूप से शामिल थे.
वार्ता में बनी सहमति : प्रबंधन के साथ हुई वार्ता के बाद यह सहमति बनी कि सुरेश मांझी को छह माह के अंदर नियुक्ति पत्र दे दिया जायेगा. इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. लोकल सेल के मुद्दे पर प्रबंधन ने कहा कि फिलहाल सेल के तहत जो ट्रकें लोडिंग होने के लिए डिपो पहुंचेगी, उसे प्राथमिकता के आधार पर पहले कोयला दिया जायेगा.
गंधौनिया पैच से कोयला का उत्पादन शुरू होते ही सितंबर माह के अंत से 50 गाड़ी प्रतिदिन कोयला उपलब्ध कराने का प्रयास किया जायेगा. वार्ता में बड़कागांव इंस्पेक्टर एके सिंह, उरीमारी पीओ प्रशांत वाजपेयी, मैनेजर आनंद प्रकाश, जयंत कुमार, थाना प्रभारी समेत राकोमसं के क्षेत्रीय सचिव राजू यादव, पंसस कानू मरांडी, महादेव बेसरा, सीताराम किस्कू, विश्वनाथ मांझी शामिल थे. राजू यादव ने कहा कि विस्थापितों की मांग को प्रबंधन प्राथमिकता के आधार पर हल करने का काम करे.

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