लीड) कांटा बाबू के अपहरण से क्षेत्र में हड़कंप

लीड) कांटा बाबू के अपहरण से क्षेत्र में हड़कंप 2बीएचयू-8-इसी टहनी से सड़क किया था अवरुद्ध, 15-कार चालक विजय गिरी.पुलिस जंगलों में कर रही छापामारी, क्षेत्र में अपहरण की दूसरी घटनामारपीट के बाद कार चालक विजय को छोड़ दिया गयाफ्लैग-जमीन संबंधी पंचायत का निबटारा के बाद ड्यूटी के लिए हरली से उरीमारी पहुंचे थे रोशनउरीमारी-बड़कागांव […]

लीड) कांटा बाबू के अपहरण से क्षेत्र में हड़कंप 2बीएचयू-8-इसी टहनी से सड़क किया था अवरुद्ध, 15-कार चालक विजय गिरी.पुलिस जंगलों में कर रही छापामारी, क्षेत्र में अपहरण की दूसरी घटनामारपीट के बाद कार चालक विजय को छोड़ दिया गयाफ्लैग-जमीन संबंधी पंचायत का निबटारा के बाद ड्यूटी के लिए हरली से उरीमारी पहुंचे थे रोशनउरीमारी-बड़कागांव मार्ग पर पसिरया घाटी में मार्ग अवरुद्ध कर किया अपहरण उरीमारी. सीसीएल उरीमारी परियोजना के रोड सेल कांटा घर में कार्यरत बड़कागांव हरली निवासी कांटा बाबू रोशन महतो का अपहरण छह नकाबपोश हथियारबंद लोगों ने पसरिया घाटी से रविवार की देर शाम कर लिया. अपहरणकर्ता कार चालक विजय गिरी को भी थोड़ी दूर ले गये. मारपीट के बाद विजय को छोड़ दिया गया. घटना के पूरे कोयलांचल में हड़कंप है. बड़कागांव, उरीमारी पुलिस समेत सैप की टीम बड़कागांव के एएसपी हरिलाल चौहान, बड़कागांव के थाना प्रभारी रामदयाल मुंडा व उरीमारी थाना प्रभारी विजय केरकेट्टा के नेतृत्व में रोशन की खोजबीन के लिए जंगलों में छापामारी कर रही है. बताया गया कि अपहरणकर्ताओं ने रोशन को छोड़ने के एवज में 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग रखी है. बताया गया कि रविवार को रोशन महतो बड़कागांव क्षेत्र में जमीन संबंधी पंचायत का निबटारा करने के बाद शाम चार बजे ड्यूटी के लिए अपने गांव हरली से उरीमारी पहुंचे थे. बाद में काम निबटा कर रात्रि आठ बजे के लगभग अल्टो कार से गांव लौट रहे थे. तभी उरीमारी-बड़कागांव मार्ग पर पसिरया घाटी में सड़क पर पेड़ की मोटी टहनी गिरा कर मार्ग को अवरुद्ध करते हुए अपराधियों ने उनका अपहरण कर लिया. अपहरण के बाद रोशन व चालक विजय का हाथ-पैर बांध दिया था. कार चालक ने गांव पहुंच कर लोगों को घटना की जानकारी दी. रात्रि 11 बजे के बाद पहले बड़कागांव व बाद में उरीमारी पुलिस को घटना की सूचना मिली. कांटा का पैसा क्यों बंद किया : बताया गया कि अपहरणकर्ताओं ने अपहरण की घटना को अंजाम देने के समय कहा कि उन्हें जो पैसा कांटा से मिलता था, उसे क्यों बंद किया गया है. पूरे हिसाब का 20 लाख बनता है. लाकर दो, तब रिहा किया जायेगा. इस दौरान रोशन के पॉकेट से 20 हजार रुपये, मोबाइल भी छीन लिया. हजारीबाग में है रोशन का मोबाइल : पुलिस सूत्रों ने बताया कि रोशन महतो के मोबाइल का लोकेशन हजारीबाग शहर में मिल रहा है. शहर के रवींद्र पथ व मिशन रोड के आसपास इसका लोकेशन बना हुआ है. लेकिन पुलिस का मानना है कि अपहरणकर्ताओं ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए ऐसा किया है. मोबाइल को हजारीबाग पहुंचा दिया है. जबकि रोशन को कहीं और रखा गया है. फिलहाल पुलिस पसरिया चानो जंगल, गोंदलपुरा चपरी जंगल, बरवनिया जंगल, महुदी पहाड़ आदि में पुलिस की अलग-अलग टीम छापामारी में जुटी है.लोकल गिरोह पर पुलिस को शक : अपहरण कांड में पुलिस का शक बड़कागांव व आसपास के लोकल अपराधियों पर जा रहा है. एएसपी ने बताया कि इस अपहरण को स्थानीय अपराधियों ने ही अंजाम दिया है. पुलिस जल्द ही इन्हें पकड़ लेगी. पुलिस बड़कागांव क्षेत्र के अपहरणकर्ता दशरथ महतो की भी तलाश कर रही है. बड़कागांव व उरीमारी पुलिस ने इस संबंध में गोंदलपुरा व हरली से दो अपराधी पृष्ठभूमि के लोगों को पूछताछ के लिए बड़कागांव थाने में रखा है. व्यवसायी का भी हुआ था अपहरण : लगभग पांच वर्ष पूर्व उरीमारी के व्यवसायी महेंद्र महतो का अपहरण कर लिया था. 17 मार्च 2010 को हुए अपहरण कांड को दशरथ महतो गिरोह ने अंजाम दिया था. पुलिस को भटकाने के लिए उस वक्त भी मोबाइल का लोकेशन कहीं और था. जबकि पुलिस ने 36 घंटे के बाद महेंद्र को महुदी पहाड़ से सकुशल रिहा कराया था. अपहरणकर्ता को भी मौके से पकड़ लिया था. इस मामले में भी मोटी रकम की मांग की गयी थी. लेकिन पुलिस की तत्परता के कारण महेंद्र सकुशल रिहा हो गये. कई लोगों का हो चुका है अपहरण : बड़कागांव व केरेडारी क्षेत्र मेें पूर्व में कई लोगों का अपहरण फिरौती के लिए किया जा चुका है. इस कड़ी में केरेडारी के सीओ निर्मल टोप्पो का अपहरण भी शामिल है. 2012 में केरेडारी के पतरा पुल के पास से इनका अपहरण हुआ था. इसी तरह 2012 में बीरनतरी में वनरक्षी का अपहरण, वर्ष 2014 में सोनपुरा के ईंट भट्ठा से भवानी महतो व दिनेश कुमार को अपहरण फिरौती के लिए किया गया था. 23 मई 2014 को सिकरी के कृष्णा सिंह का भी अपहरण किया गया था. 2010 में व्यवसायी महेंद्र महतो व अब कांटा बाबू रोशन महतो के अपहरण ने बड़कागांव की पहचान अपहरण उद्योग क्षेत्र के तौर पर उभर कर सामने आ रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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