पड़ोसियों पर नर्भिर हैं लाचार मनुआ देवी

पड़ोसियों पर निर्भर हैं लाचार मनुआ देवी कोई नहीं है मनुआ की देखभाल करनेवालादोनों आंखों की चली गयी है रोशनी परिजनों ने भी छोड़ दिया है साथ कार्ड व वृद्धा पेंशन के लिए लगायी गुहार. फोटो – 2 घाटो -1 वृद्धा मनुआ देवी घाटोटांड़. मांडू प्रखंड अंतर्गत इचाकडीह पंचायत की गायत्री नगर मजदूर कॉलोनी में […]

पड़ोसियों पर निर्भर हैं लाचार मनुआ देवी कोई नहीं है मनुआ की देखभाल करनेवालादोनों आंखों की चली गयी है रोशनी परिजनों ने भी छोड़ दिया है साथ कार्ड व वृद्धा पेंशन के लिए लगायी गुहार. फोटो – 2 घाटो -1 वृद्धा मनुआ देवी घाटोटांड़. मांडू प्रखंड अंतर्गत इचाकडीह पंचायत की गायत्री नगर मजदूर कॉलोनी में रहनेवाली मनुआ देवी (65 वर्षीया) पिछले चार वर्षों से पड़ोसियों के रहमो -करम पर जिंदा है. उसकी देखरेख करनेवाला भी कोई नहीं है. नि:संतान मनुआ देवी के रिश्तेदार भी उससे मुंह मोड़ लिये हैं. सरकारी विभाग भी सहयोग नहीं कर रहा है. वह पिछले कई वर्षों से सीसीएल के जर्जर क्वार्टर में रह रही है. बीमारी व अंधापन के कारण वह एक कमरे में पड़ी हुई है. पड़ोसियों को उस पर दया आती है, तो वे कुछ खाने -पीने के लिए दे देते हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सीसीएलकर्मी सोहराई भुइयां ने पहली पत्नी के मर जाने के बाद मनुआ देवी के साथ शादी की थी. परंतु कोई संतान नहीं हुआ. इसी बीच पति सोहराई भुइयां का निधन हो गया. पति के निधन के बाद वह अकेली हो गयी. चार साल पहले वह बीमार हो गयी. देख -रेख व सरकारी मदद के अभाव में उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गयी. इसके बाद वह पड़ोसियों के रहमो -करम पर जीने लगी. कई बार सरकार से मदद की गुहार लगायी गयी. परंतु सरकारी महकमा से उसे किसी तरह का कोई सहयोग नहीं मिला. लाल कार्ड व वृद्धा पेंशन के लिए भी पंचायत जन प्रतिनिधियों से गुहार लगाती रही. स्थानीय लोगों ने बताया कि समय पर भोजन नहीं मिलने के कारण वह कुपोषण की शिकार हो गयी है. उसकी तबीयत खराब होती जा रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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