पिछली बार चुनाव लड़ा था, इस बार नाम ही गायब

पिछली बार चुनाव लड़ा था, इस बार नाम ही गायबरजरप्पा. सीसीएल रजरप्पा परियोजना में कार्यरत आरटीआइ कार्यकर्ता व यूनियन नेता रमेश विश्वकर्मा की पत्नी सरस्वती देवी पिछले पंचायत चुनाव में सेवई दक्षिणी से मुखिया प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ी थी. इस बार जब वे पुन: अपना नामांकन कराने पहुंची, तो पंचायत क्षेत्र से उनका […]

पिछली बार चुनाव लड़ा था, इस बार नाम ही गायबरजरप्पा. सीसीएल रजरप्पा परियोजना में कार्यरत आरटीआइ कार्यकर्ता व यूनियन नेता रमेश विश्वकर्मा की पत्नी सरस्वती देवी पिछले पंचायत चुनाव में सेवई दक्षिणी से मुखिया प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ी थी. इस बार जब वे पुन: अपना नामांकन कराने पहुंची, तो पंचायत क्षेत्र से उनका नाम गायब था. उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा. श्री विश्वकर्मा ने कहा कि वे कई वर्षों से ग्राम पंचायत सेवई दक्षिणी के निवासी हैं. यहां से कई बार मतदान किया है. पिछले बार उनकी पत्नी चुनाव लड़ी थी. उन्होंने दूसरा स्थान प्राप्त किया था. भाग संख्या 141 क्रमांक 457 में मतदाता पहचान पत्र अंकित है. लेकिन इस पंचायत चुनाव में उन दोनों का नाम इस पंचायत से हटा कर भुचूंगडीह पंचायत के वार्ड संख्या आठ में जोड़ दिया गया है. जिस कारण उननकी पत्नी मुखिया पद से चुनाव लड़ने से वंचित हो गयीं. उन्होंने सोची-समझी साजिश के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप लगाया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >