रामनवमी से पहले पलामू पुलिस सख्त, पूरी कमिश्नरी के 3059 लोगों को भेजा गया नोटिस

Palamu Ram Navami Security: रामनवमी से पहले पलामू पुलिस ने सख्ती बढ़ाते हुए 3059 लोगों को बीएनएसएस 126 के तहत नोटिस जारी किया है. संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात, कंट्रोल रूम सक्रिय और जुलूस को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड में है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

पलामू से शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट

Palamu Ram Navami Security: रामनवमी के पावन पर्व को लेकर पलामू पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है. जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की हुड़दंगई या अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है. इसी कड़ी में पूरी पलामू कमिश्नरी में 3059 लोगों को नोटिस जारी किया गया है. यह कदम शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है.

बीएनएसएस की धारा 126 के तहत कार्रवाई

पलामू प्रमंडल के आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि यह नोटिस बीएनएसएस की धारा 126 के तहत जारी किए गए हैं, जिसे पहले धारा 107 के नाम से जाना जाता था. इस कार्रवाई के तहत लातेहार में 621, गढ़वा में 968 और पलामू जिले में 1470 लोगों को नोटिस दिया गया है. उन्होंने बताया कि पलामू जिले के भीतर भी सदर अनुमंडल से 1059, हुसैनाबाद से 249 और छतरपुर से 162 लोगों को नोटिस तामिल कराया गया है. प्रशासन का मानना है कि इससे संभावित उपद्रवियों पर नियंत्रण रखा जा सकेगा.

शांति समिति की बैठक और सुरक्षा तैयारियां

रामनवमी को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए तीनों जिलों में शांति समिति की बैठकों का आयोजन किया गया है. लातेहार के 12, पलामू के 25 और गढ़वा के 22 थानों में बैठकें पूरी हो चुकी हैं. डीआईजी और तीनों जिलों के एसपी के साथ भी उच्चस्तरीय बैठक की गई है. संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. हर जगह मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की गई है.

अतिरिक्त बलों की तैनाती और छुट्टियां रद्द

मुख्यालय से अतिरिक्त बल भी भेजे गए हैं. पलामू को 250, गढ़वा को 200 और लातेहार को 200 होमगार्ड जवान दिए गए हैं. इसके अलावा आईआरबी और इको बल को भी तैनात किया गया है. रामनवमी के मद्देनजर सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. केवल विशेष परिस्थिति में ही संबंधित एसपी की अनुमति से छुट्टी मिल सकेगी. अधिकारियों को अधिक से अधिक समय फील्ड में रहने के निर्देश दिए गए हैं.

कंट्रोल रूम और निगरानी व्यवस्था मजबूत

तीनों जिलों में जिला कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं. प्रत्येक थाना से हर दो घंटे में खैरियत रिपोर्ट ली जाएगी. यह रिपोर्ट सीधे जिले के अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे हर स्थिति पर नजर रखी जा सके. इसके साथ ही मॉक ड्रिल भी लगातार की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रहे.

डीजे और जुलूस को लेकर सख्त निर्देश

रामनवमी जुलूस के दौरान डीजे बजाने को लेकर भी प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. किसी भी प्रकार के भड़काऊ या अश्लील गाने बजाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

आपात स्थिति से निपटने की तैयारी

तीनों जिलों के दमकल विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है. सभी दमकल वाहनों को पानी से भरकर तैयार रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. इसके अलावा, एंटी राइट वाहन, रबर बुलेट और टियर गैस जैसे उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं.

अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज

रामनवमी से पहले अवैध शराब के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. सिर्फ पलामू जिले में ही 6525 किलोग्राम अवैध जावा महुआ को नष्ट किया गया है. साथ ही 309 लीटर शराब भी बरामद की गई है.

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शांतिपूर्ण आयोजन पर प्रशासन का फोकस

प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि रामनवमी का त्योहार पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो. इसके लिए पुलिस और प्रशासन हर स्तर पर तैयारी में जुटे हुए हैं. सुरक्षा, निगरानी और सख्ती के जरिए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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