सतबरवा : चेरो वंश के लोकप्रिय राजा मेदिनी राय के याद में लगने वाला ऐतिहासिक दो दिवसीय मेला सोमवार से शुरू हो गया. मेला तथा पलामू किला देखने वाले लोगों का सुबह से ही मेला में आना-जाना शुरू हो गया. देखते ही देखते मेला स्थल पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. इस दौरान कमेटी के लोगों के अलावा अन्य कई लोगों ने मेला स्थल में स्थापित राजा मेदिनी राय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.
मेला समिति के सदस्यों ने मेला के दौरान सुरक्षा बनाये रखने के लिए वालंटियर की नियुक्त की है, ताकि असामाजिक मेला के दौरान शांति व्यवस्था को भंग करने वाले तत्व पर पैनी नजर रखी जा सके. मेले के दौरान औरंगा नदी के किनारे शराब तथा मांस की बिक्री होते हुए भी देखी गयी.
साथ ही लोगों ने पिकनिक का भी आनंद उठाया. मेला में लगाये गये झूला, मौत के कुआं आदि लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा. मेला में पलामू प्रमंडल क्षेत्र के हजारों महिला पुरुष व बच्चे दिलचस्पी के साथ दोपहिया चार पहिया वाहन के साथ-साथ पैदल भी मेला व राजा के किला को देखने आते हैं.
बताया जाता है कि राजा मेदिनी राय एक प्रतापी राजा हुआ करते थे. अपने प्रजा के हाल जानने के लिए वेष बदल कर रात्रि में घूमा करते थे और प्रजा की समस्याओं का निदान किया करते थे. राजा मेदिनी राय एक कुशल शासक के रूप में माने जाते थे. मेला स्थल राजा मेदनी राय का फुलवारी हुआ करता था, जिसमें कई दशकों से उनके वंशज कहे जाने वाले चेरो जनजाति के लोगों द्वारा मेला का आयोजन होते आ रहा है.
वहीं मेला समिति के अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह ने बताया कि मेला के सफल संचालन के लिए कमेटी का गठन किया गया है, ताकि शांति और सौहार्द के साथ ऐतिहासिक मेला को संपन्न किया जा सके. मौके पर रबदा पंचायत के मुखिया शंभु उरांव, पंचायत समिति सदस्य अरविंद कुमार सिंह, विनोद यादव, मनोज सिंह ,सूरजमल सिंह ,रामनाथ सिंह ,विनय सिंह, अशोक सिंह, नारायण सिंह ,अनिल सिंह, उमेश सिंह सहित काफी संख्या में महिला पुरुषों ने लोगों ने भाग लिया.
