सतबरवा : गुरुवार को सीबीआइ के सेंट्रल फॉरेंसिक लैब के निदेशक सहित कई अधिकारी बकोरिया मुठभेड़ कांड की जांच करने घटनास्थल पर पहुंचे. आठ जून 2015 को सतबरवा के बकोरिया के भेलवाघाटी में पुलिस व नक्सली मुठभेड़ की जांच सीबीआइ द्वारा की जा रही है. गुरुवार को सेंट्रल फॉरेंसिक लैब के निदेशक डॉ निलेंदु विकास वर्द्धन सात सदस्यीय सीबीआइ टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे.
नाट्य रूपांतरण से समझने का प्रयास
सतबरवा : गुरुवार को सीबीआइ के सेंट्रल फॉरेंसिक लैब के निदेशक सहित कई अधिकारी बकोरिया मुठभेड़ कांड की जांच करने घटनास्थल पर पहुंचे. आठ जून 2015 को सतबरवा के बकोरिया के भेलवाघाटी में पुलिस व नक्सली मुठभेड़ की जांच सीबीआइ द्वारा की जा रही है. गुरुवार को सेंट्रल फॉरेंसिक लैब के निदेशक डॉ निलेंदु विकास […]

घटनास्थल पर पहुंचने के बाद टीम द्वारा बकोरिया कांड का डेमो तैयार किया गया. इसके लिए वहां डेमो तैयार कर पूरी घटना को समझने का प्रयास किया गया. इस दौरान घटना के बारे में जो बताया गया वह घटना कैसे हुई थी, इसका नाट्य रूपांतरण भी किया गया. इस दौरान करीब दो घंटे तक सीबीआइ की टीम भेलवा घाटी में रही. इस दौरान सतबरवा के तत्कालीन थाना प्रभारी मो. रुस्तम, मनिका थाना प्रभारी गुलाम रसूल व हरिश पाठक से पूछताछ की गयी. सीबीआइ की टीम ने इसे भी समझने का प्रयास किया. घटनास्थल पर पहुंचने के पूर्व सीबीआइ की टीम ने सतबरवा थाना में लगभग चार घंटे तक गहन छानबीन की. इस दौरान घटना के दिन उग्रवादियों ने जिस स्कॉर्पियो का प्रयोग किया गया था उसकी बारीकी के साथ जांच की गयी. एक एक पहलू को देखा गया. करीब दो बजे सीबीआइ की टीम भेलवाघाटी में पहुंची थी.
जांच के दौरान ही बारिश भी शुरू हो गयी. इसके कारण टीम वहां से निकल गयी. सूत्रों ने बताया कि अभी टीम पलामू में रहेगी और सभी पहलुओं की जांच करेगी. जांच के दौरान जांच पदाधिकारियों ने मीडिया को कुछ भी बताने से परहेज किया.
मालूम हो कि इस घटना के बाद मारे गये लोगों के परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी. इस केस के शिकायतकर्ता सतबरवा ओपी के तत्कालीन प्रभारी मो रुस्तम हैं. इसमें मनिका के उदय यादव, चतरा के एजाज अहमद, जोगेश यादव के साथ नौ अज्ञात मृतक तथा एक अज्ञात नक्सली के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.