जानें क्यों झारखंड के पलामू में आग उगलता है सूरज, लोग दुबक जाते हैं घर में

अमिताभ कुमारझारखंड के पलामू की धरती पर आग के गोले बरस रहे हैं जिसने लोगों के जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है. गर्मी का हाल यह है कि लोग सूरज चढ़ने के साथ ही अपने-अपने घरों में दुबक जा रहे हैं. तापमान की बात करें तो यहां का पारा 45 डिग्री के ऊपर […]

अमिताभ कुमार
झारखंड के पलामू की धरती पर आग के गोले बरस रहे हैं जिसने लोगों के जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है. गर्मी का हाल यह है कि लोग सूरज चढ़ने के साथ ही अपने-अपने घरों में दुबक जा रहे हैं. तापमान की बात करें तो यहां का पारा 45 डिग्री के ऊपर तक चला जा रहा है. दरअसल, पलामू में हर साल प्रचंड गर्मी का सामना लोगों को करना पड़ता है ऐसा क्यों ? सबके जेहन में यह सवाल उठना लाजिमी है.

इस संबंध में मौसम वैज्ञानिक आरएस शर्मा ने बताया कि पलामू का क्षेत्र या यूं कहें कि झारखंड के उत्तर-पश्चिम का इलाका जिसमें लातेहार, गढ़वा और चतरा आते हैं, वहां उत्तर प्रदेश और मध्‍य प्रदेश की गर्मी का प्रभाव रहता है. यानी ड्राई वेस्ट विंड इन इलाकों में चलती है. यहीं वजह है कि वहां झारखंड के अन्य क्षेत्रों के मुकाबले 2 से 3 डिग्री तापमान अधिक रहता है. उन्होंने बताया कि मध्‍य झारखंड और पूर्वी झारखंड पर बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं का असर रहता है जिसके कारण यहां के इलाकों में गर्मी पलामू के क्षेत्रों की तुलना में कम महसूस होती है.

आगे आरएस शर्मा बताते हैं कि बंगाल की खाड़ी से चलने वाली हवाओं (नम हवा) का असर पलामू के इलाकों में नहीं रहता, जिस कारण झारखंड के अन्य इलाकों के मुकाबले यहां बारिश भी कम होती है और आंधी-तूफान कम चलते हैं.

पलामू एक नज़र में

-क्षेत्रफल : 5,043.8 Sq. कि.मी.

-जनसंख्या: 19,36,319

-गांव:1882

-प्रखंड: 21

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >