युवा भारत केंद्र ने तकनीकी शिक्षा का महत्व समझाया

मेरा युवा भारत केंद्र ने तोराई के संत मारिया गोराटी बालिका विद्यालय में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में शिक्षिकाओं और छात्राओं ने उत्साह से भाग लिया। पूर्व स्वयंसेवकों ने प्रौद्योगिकी दिवस का महत्व बताया, जो प्रत्येक वर्ष 11 मई को पोखरण परमाणु परीक्षण की सफलता के स्मरण में मनाया जाता है। प्रधानाध्यापिका और शिक्षिकाओं ने तकनीक के जीवन में महत्व पर जोर देते हुए छात्राओं से तकनीकी शिक्षा अपनाने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का आग्रह किया।

प्रतिनिधि, पाकुड़ मेरा युवा भारत केंद्र की ओर से सोमवार को संत मारिया गोराटी बालिका उच्च विद्यालय, तोराई में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यालय की शिक्षिकाओं एवं छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रधानाध्यापिका निर्मला मरांडी को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत के साथ हुई. इस अवसर पर केंद्र के पूर्व स्वयंसेवक भरत कुमार साहा एवं नूर आलम ने प्रौद्योगिकी दिवस के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस प्रत्येक वर्ष 11 मई को पोखरण परमाणु परीक्षण की सफलता की स्मृति में मनाया जाता है. यह दिन भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी नवाचारों के योगदान को सम्मान देने का अवसर है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. प्रधानाध्यापिका निर्मला मरांडी सहित शिक्षिका राजधानी मरांडी, अनिता टोप्पो, जोयेल टुडू एवं शिवधन हांसदा ने कहा कि आज तकनीक मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है. दैनिक जीवन के लगभग हर क्षेत्र में तकनीक का उपयोग हो रहा है. उन्होंने छात्राओं से तकनीकी शिक्षा को अपनाने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का आह्वान किया.

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By SANU KUMAR DUTTA

SANU KUMAR DUTTA is a contributor at Prabhat Khabar.

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