रमेश भगतपाकुड़ : कहते हैं जब तेज आंधी आती है तो पेड़ अपनी जड़ के साथ मजबूती से जुड़ जाते हैं. आंधी उन्हें उखाड़ नहीं पाती है. मोदी लहर में विजय हांसदा भी अपनी सीट पर मजबूती से डटे रहे जबकि जेएमएम सुप्रीमो अपनी सीट बचा नहीं पाये. 36 वर्षीय विजय हांसदा ने लगातार दूसरी […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
रमेश भगत पाकुड़ : कहते हैं जब तेज आंधी आती है तो पेड़ अपनी जड़ के साथ मजबूती से जुड़ जाते हैं. आंधी उन्हें उखाड़ नहीं पाती है. मोदी लहर में विजय हांसदा भी अपनी सीट पर मजबूती से डटे रहे जबकि जेएमएम सुप्रीमो अपनी सीट बचा नहीं पाये. 36 वर्षीय विजय हांसदा ने लगातार दूसरी बार मोदी लहर को धता बताते हुए जीत दर्ज की है. उन्हें मोदी लहर में 507830 वोट मिले जबकि भाजपा के हेमलाल मुर्मू को 408635 वोट मिले. तकरीबन 99 हजार वोटों से विजय हांसदा चुनाव जीते.
कौन हैं विजय हांसदा
विजय हांसदा राजमहल लोकसभा के पूर्व कांग्रेसी सांसद व लोकप्रिय नेता थॉमस हांसदा के बेटे हैं. विजय हांसदा की स्कूलिंग साहेबगंज स्थित संत जेवियर स्कूल से हुई है. इंटर उन्होंने कोलकाता स्थित संत जेवियर स्कूल से किया है. विजय हांसदा ने राजनीति के मैदान में साल 2009 में कदम रखा. बरहेट विधानसभा के लिए बतौर निर्दलीय प्रत्याशी दावेदारी पेश की.
36 साल के इस युवा ने राजनीति के धुरंधर हेमलाल मुर्मू को कड़ी टक्कर दी. वर्ष 2014 में विजय ने जेएमएम का दामन थामा और राजमहल लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा. मोदी लहर के बीच विजय हांसदा ने अनुभवी व राजनीति के धुरंधर हेमलाल मुर्मू को मात दे दी.
संशय के बीच रहे सशक्त
17वीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव में राजनीति के जानकार विजय की हार की ओर इशारा कर रहे थे. लेकिन विजय के साथ इस क्षेत्र की जनता खड़ी रही. राजमहल विधानसभा क्षेत्र में हेमलाल मुर्मू ने विजय को टक्कर दी लेकिन बाकी सभी विधानसभा क्षेत्र में विजय हांसदा ने हेमलाल मुर्मू को करारी शिकस्त दी.
जब देश में भाजपा प्रचंड गति से मोदी रथ पर सवार होकर दौड़ रही थी. ऐसे वक्त में विजय हांसदा चट्टान की तरह डटे रहे. चुनाव के दौरान न सिर्फ मां बल्कि उनकी दोनों बहनें भी उनके पक्ष में महीने भर तक प्रचार करती रहीं.
वोटरों के ध्रुवीकरण से जीत
राजमहल लोकसभा क्षेत्र में दूसरी बार सांसद बने झामुमो के विजय हांसदा के बारे में कहा जाता है कि वे क्षेत्र के आदिवासी और मुस्लिम वोटरों के ध्रुवीकरण में माहिर हैं. इसी ध्रुवीकरण का नतीजा है कि इस बार पाकुड़, बरहेट, बोरियो, महेशपुर और लिट्टीपाड़ा विधानसभा में झामुमो को अप्रत्याशित बढ़त मिली है. बोरियो में भाजपा के विधायक हैं लेकिन वहां भी झामुमो को ही बढ़त मिली. भाजपा को मात्र एक राजमहल विधानसभा में ही बढ़त मिल पायी.
लगातार दूसरी बार मोदी लहर को धता बताते हुए जीत दर्ज की है विजय हांसदा ने
विजय हांसदा को मिले 507830 वोट, जबकि भाजपा के हेमलाल मुर्मू को मिले 408635 वोट