।। रमेश भगत ।।
पाकुड़ : शहर के धनुषपूजा मोहल्ले के लोग उस वक्त हैरान रह गये जब एक चापानल का हैंडल खुद ब खुद ही चलने लगा. न कोई आदमी न कोई वस्तु उसे पकड़े हुए था. लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हो क्या रहा है.कोई इसे भूतहा चापानल तो कोई कुछ कहने लगा. चापानल का हैंडल एक मिनट तक खुद ब खुद चलता रहा. इस दौरान चापानल से पानी की जगह हल्का-हल्का गैस निकलता रहा. इस संबंध में साहिबगंज कॉलेज के भू वैज्ञानिक पर्यावरणविद् प्रो. रंजीत सिंह से बात की गई.
उन्होंने बताया कि राजमहल पहाड़ियों में आर्टिजन वेल की बात आम है. इसमें किसी चापानल से लगातार पानी निकलता रहता है. लेकिन इस चापानल से पानी की जगह गैस निकल रहा है जो कि बतौर भू गर्भशास्त्री मेरे लिए रहस्यमय बात है.ऐसा हो कि सकता है कि जमीन के अंदर आर्सेनिक गैस हो या कोल बेड होने के कारण मिथेन गैस का लेयर हो. यह जांच का विषय है.
हमारी कोशिश रहेगी कि हम चापानल की जांच कर वास्तविकताओं को समझने का प्रयास करें.साथ ही जिला प्रशासन से भी अनुरोध रहेगा कि इस भूगर्भीय गतिविधि की जांच जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से कराई जाये ताकि जमीन के अंदर के गैस का पता लगाया जा सके.
