लोहरदगा़ जिले में जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) का त्योहार भक्ति भाव के साथ मनाया गया. इस मौके पर महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर अपने संतानों की दीर्घायु के लिए भगवान जीतवाहन से मनोकामना की. इस मौके पर महिलाएं अपने-अपने घरों में भगवान की पूजा की. कुछ-कुछ स्थानों पर महिलाएं मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की. इस मौके पर पुरोहित ने महिलाओं को भगवान जीतवाहन की कहानी सुनायी. महिलाएं रविवार को पूरे दिन-रात निर्जला उपवास कर जिउतिया पर्व को मनाया और अपने-अपने संतानों की रक्षा के लिए भगवान से प्रार्थना की. शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी जिउतिया का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. जिउतिया पर्व पर माताओं ने की पूजा भंडरा़ भंडरा में माताओं ने अपनी संतान की लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना को लेकर जीवित्पुत्रिका पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया. माताओं ने निर्जला उपवास रखते हुए सामूहिक रूप से जीवित्पुत्रिका की पूजा की. पुरोहितों ने पूजा के दौरान संतान को होने वाले लाभ की कथा सुनायी. पीपल की डाली रखकर माता ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की. इस अवसर पर माताओं में विशेष उत्साह देखा गया. इस पर्व का उद्देश्य संतान को विघ्न और बाधाओं से सुरक्षित रखना है. लोगों का मानना है कि किसी दुर्घटना में किसी के बच जाने पर माता द्वारा जिउतिया पूजा का प्रभाव रहता है.
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