कुड़ू़ नेशनल हाइवे 39 (कुड़ू-रांची मुख्य पथ) पर जहां फोरलेन का काम चल रहा है, वह इलाका इन दिनों ””””डेथ जोन”””” में तब्दील हो गया है. पिछले एक सप्ताह के भीतर जर्जर दो लेन और फोरलेन के मिलान बिंदु (देहाती ढाबा से कुड़ू शहर) के समीप चार सड़क हादसों में पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन लोग घायल हैं. एनएचएआइ और प्रशासन की अनदेखी के कारण असामयिक मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. तेज रफ्तार और संकीर्ण सड़क का जानलेवा संगम : रांची की तरफ से आने वाले वाहन फोरलेन पर तेज रफ्तार में होते हैं, लेकिन देहाती ढाबा के बाद सड़क अचानक संकीर्ण और जर्जर हो जाती है. ऐसे में कुड़ू की तरफ से आने वाले वाहनों से भिड़ंत आम बात हो गयी है. निर्माण कार्य में प्रयुक्त धूलकणों (डस्ट) के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) इतनी कम हो जाती है कि चालकों को सड़क का अंदाजा नहीं मिल पाता. शुक्रवार को शराब लदे वाहन और स्कूटी की भिड़ंत में मां-बेटे और भतीजे की मौत इसी लापरवाही का नतीजा है. इससे पहले रांची जा रहे एक बाइक सवार की मौत धक्का लगने से हो गयी थी. टेंपो व बाइक की भिड़ंत में पांच लोग घायल हो गये थे. वहीं एक सप्ताह पहले बाइक व कार के बीच टक्कर में एक की मौत हो गयी थी. मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया सड़क जाम : शुक्रवार की घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. सीओ संतोष उरांव और थाना प्रभारी अजीत कुमार ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को शांत कराया. थाना परिसर में आक्रोशित ग्रामीणों और प्रशासन के बीच वार्ता हुई इसमें आदिवासी समाज के नेता जतरू उरांव, अवधेश उरांव, अनिल उरांव, चिलगू भगत, महावीर उरांव आजसू नेता लाल गुड्डू नाथ शाहदेव ने प्रशासन से बातचीत कर तीनों मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा व बेसहारा परिवार को सहारा देने की मांग की़ धूल और सुरक्षा नियमों की अनदेखी : निर्माणधीन सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं होने से उड़ती धूल बाइक चालकों के लिए काल बन रही है. परिवहन विभाग की हेलमेट जांच भी नाकाफी साबित हो रही है. सीओ संतोष उरांव ने बताया कि सड़क निर्माण कंपनी को लगातार पानी छिड़काव करने और सुरक्षा मानकों का पालन करने का कड़ा निर्देश दिया गया है.
फोरलेन निर्माण की सुस्ती पड़ रही भारी, एक सप्ताह में उठी पांच अर्थियां
फोरलेन निर्माण की सुस्ती पड़ रही भारी, एक सप्ताह में उठी पांच अर्थियां
