बेठहठ विद्यालय का किचन गार्डन बना आत्मनिर्भरता और स्वच्छता की मिसाल

बेठहठ विद्यालय का किचन गार्डन बना आत्मनिर्भरता और स्वच्छता की मिसाल

लोहरदगा़ जिले के बेठहठ पंचायत स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेठहठ में प्रधानाध्यापक लाल अरविंद कुमार नाथ शाहदेव के नेतृत्व में निर्मित किचन गार्डन ने विद्यालय को स्वच्छ, हरा-भरा और आत्मनिर्भर बना दिया है. इस गार्डन की वजह से मध्याह्न भोजन के लिए बाहर से सब्जियां मंगाने की जरूरत नहीं पड़ती. यहां उगाई गयी सब्जियां बच्चों की पोषण जरूरतों को पूरा कर रही है. जहां एक ओर सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं, वहीं यह विद्यालय एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है. प्रधानाध्यापक ने विद्यालय की जर्जर स्थिति को बदलते हुए न केवल अनुशासन और स्वच्छता लायें, बल्कि बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह भी जगाया. अब यहां बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत रहती है. प्रधानाध्यापक ने अपने निजी खर्च पर केले, पपीता, साग, टमाटर, प्याज, सहजन सहित कई सब्जियों की खेती शुरू की. इस कार्य में उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों को भी जोड़ा. विद्यालय के विकास में मुखिया राजकिशन उरांव, अनमोल तिर्की, विजय उरांव और अन्य लोगों का योगदान सराहनीय रहा. विद्यालय अब शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों का केंद्र बन गया है. यहां आयोजित कार्यक्रमों में उपायुक्त, उपविकास आयुक्त और शिक्षा पदाधिकारी भी भाग लेते हैं. सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ विद्यालय का पुरस्कार : विद्यालय ने 2018 और 2022 में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ विद्यालय का पुरस्कार भी प्राप्त किया. प्रधानाध्यापक शाहदेव ने बताया कि अतिरिक्त सब्जियां बच्चों को घर ले जाने के लिए दी जाती हैं. विद्यालय में ‘नानी-दादी पौधरोपण’ जैसी पहलें पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही हैं. यह विद्यालय आज शिक्षा और नवाचार का जीवंत उदाहरण बन गया है.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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