किशोर अपराधियों को मुख्यधारा में वापस लाना ही उद्देश्य
बाल अधिकारों की सुरक्षा और किशोर न्याय प्रणाली को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा लोहरदगा राजकमल मिश्रा की अध्यक्षता में हुई.
किशोर अपराधियों को मुख्यधारा में वापस लाना ही उद्देश्य
लोहरदगा. बाल अधिकारों की सुरक्षा और किशोर न्याय प्रणाली को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा लोहरदगा राजकमल मिश्रा की अध्यक्षता में हुई. जिसमें किशोर न्याय अधिनियम के क्रियान्वयन, बाल अपराध रोकथाम और पुनर्वास से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की गयी. बैठक में बताया गया कि हमारा उद्देश्य किशोर अपराधियों को सजा देने के बजाय उन्हें सुधारने और समाज की मुख्यधारा में वापस लाने पर केंद्रित है. इसके लिए सभी हितधारकों को मिलकर काम करना होगा. बताया गया कि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के 50 और चिल्ड्रन कोर्ट के 30 मामले लोहरदगा में लंबित हैं. वहीं गुमला ऑब्जरवेशन होम में 100 बच्चों को रखने की क्षमता है. वर्तमान में 75 बच्चे संसीमित हैं, जिसमें लोहरदगा के 26 बच्चे हैं. मौके पर प्रोबेशन गृह और जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड भवन निर्माण को लेकर चर्चा की गयी. साथ ही डीसीपीओ लोहरदगा को गुमला ऑब्जरवेशन होम का भी निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया. मौके पर एडीजे प्रथम अखिलेश कुमार तिवारी, सीजेएम केके मिश्रा, डालसा सचिव राजेश कुमार, रजिस्ट्रार व्यवहार न्यायालय अमित कुमार गुप्ता, पीएमजेजेबी जया स्मिता कुजूर, रिनपास के चिकित्सक, डीएसडब्ल्यूओ, नोडल अधिकारी एसजेपीयू, डीसीपीओ, सुपरिटेंडेंट ऑब्जरवेशन होम गुमला, प्रोबेशन ऑफिसर लोहरदगा, जेलर जिला मंडल कारा, प्रोबेशन ऑफिसर गुमला सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
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