शिष्टाचार से ही मिलता है सम्मान : गिरिनाथ सिंह

शिष्टाचार से ही मिलता है सम्मान : गिरिनाथ सिंह

लोहरदगा़ शिष्टाचार और शालीनता पूर्ण आचरण ही मनुष्य का वास्तविक आभूषण है, जो उसे आदर और सम्मान दिलाता है. शिष्टाचार व्यवहार का नैतिक मापदंड है, जिस पर सभ्यता और संस्कृति का आधार टिका हुआ है. एक-दूसरे के प्रति सद्भावना, सहानुभूति और सहयोग इसके मूल तत्व हैं. इसलिए संस्कार ही शिष्टाचार है और इसे हर हाल में बनाये रखना आवश्यक है. उक्त विचार गढ़वा के पूर्व विधायक गिरिनाथ सिंह ने थाना रोड स्थित साहू भवन में पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू से शिष्टाचार भेंट के दौरान व्यक्त किये. उन्होंने कहा कि उनका धीरज प्रसाद साहू से वर्षों पुराना पारिवारिक जुड़ाव है. यही कारण है कि वे समय-समय पर उनसे मुलाकात करते रहते हैं. उन्होंने कहा कि शिष्टाचार का क्षेत्र बहुत व्यापक है. जहां भी व्यक्ति-व्यक्ति के बीच संपर्क होता है, वहां इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है. भेंट वार्ता के क्रम में दोनों नेताओं के बीच झारखंड के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में विकास की गति तेज है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कुशल नेतृत्व में झारखंड लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर है. इस मौके पर निश्चय वर्मा समेत कई अन्य लोग भी उपस्थित थे.

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By Shailesh ambashtha

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