कुड़ू. डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के उद्देश्य से पंचायती राज विभाग ने कुड़ू में पंचायत गेटवे मॉड्यूल पर कार्यशाला का आयोजन किया. पायलट प्रोजेक्ट के तहत अब ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से होने वाले सभी भुगतान केवल पंचायत भवन से ही किये जा सकेंगे. पंचायत भवन के बाहर से सरकारी कार्यों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. प्रशिक्षण में बताया गया कि नयी तकनीक के तहत अधिकृत व्यक्ति चेहरे की पहचान (फेस ऑथेंटिकेशन) के बाद ही लॉगिन कर सकेगा. इससे कार्यों में पारदर्शिता आयेगी और हर लेनदेन का रियल-टाइम डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा. सीएससी की तकनीकी टीम ने मुखिया, पंचायत सचिव और वीएलइ को सिस्टम संचालन की जानकारी दी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. इस पहल से ग्रामीणों को तेज और बेहतर सेवाएं मिलेंगी. मौके पर प्रखंड के सभी मुखिया व पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे. अब डिजिटल होगी जनगणना, मोबाइल ऐप से होगा डेटा संग्रह
कैरो. प्रखंड मुख्यालय सभागार में मंगलवार को भारतीय जनगणना 2027 के द्वितीय चरण को लेकर प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण जारी रहा. दूसरे दिन प्रशिक्षणार्थियों को मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की बारीकियां समझायी गयीं. मौके पर बीडीओ ने बताया कि आगामी जनगणना पूर्णतः डिजिटल होगी, जिसमें डेटा संग्रह मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जायेगा. खास बात यह है कि पहली बार देशवासियों को स्व-गणना (सेल्फ इन्यूमेशन) की सुविधा भी दी जा रही है. प्रगणकों को 14 जून 2026 तक मकानों की सूची तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है. प्रशिक्षण में कानूनी प्रावधानों और डिजिटल ऐप के संचालन को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रायोगिक तौर पर समझाया गया. मौके पर कई कर्मी व पर्यवेक्षक उपस्थित थे.
