भंडरा़ मां दुर्गा की आराधना का पर्व दशहरा रावण दहन के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ. नौ दिनों तक मां जगदंबा की पूजा-अर्चना के बाद शुक्रवार को भंडरा थाना क्षेत्र के ठाकुर बाड़ी मैदान में रावण दहन का आयोजन किया गया, जहां अहंकार और असत्य के प्रतीक रावण के 51 फीट ऊंचे पुतले को आग के हवाले किया गया. हजारों श्रद्धालुओं ने इस अद्भुत दृश्य के साक्षी बन पारंपरिक शोभा यात्रा में शामिल हुए. मुख्य अतिथि, भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री बिन्देश्वर उरांव ने कहा कि यह पर्व केवल रावण दहन नहीं, बल्कि जीवन का संदेश देता है. रावण चाहे कितना भी शक्तिशाली रहा हो, उसके अहंकार और बुराई का अंत होना निश्चित है और अच्छाई की हमेशा विजयी होती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल पुतला ही नहीं, बल्कि अपने भीतर के रावण काम, क्रोध, लोभ, इर्ष्या और घमंड को भी समाप्त करें. विशिष्ट अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता शशिकांत उरांव ने बताया कि दशहरा बुराई का अंत सिखाता है और गांधी जयंती सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है. दोनों विचार समाज में प्रेम, भाईचारा और शांति स्थापित करते हैं. मेले में रावण दहन के साथ आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया और दुकानों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक खरीदारी की. पूरे कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का उमड़ता जनसैलाब और उत्साह देखने योग्य था, जिसने दशहरा पर्व की भव्यता और सामूहिक भावना को प्रदर्शित किया. .
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