लोहरदगा़ कलश स्थापना के साथ ही आज से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा. मनोकामना सिद्धि दुर्गा मंदिर के पुजारी पं उत्तम शास्त्री ने बताया कि इस बार माता का आगमन हाथी पर हो रहा है, जो अत्यंत शुभ और फलदायी है. नवरात्रि शक्ति, भक्ति, श्रद्धा, संयम, साधना और संस्कारों का महापर्व है. यह देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना का पर्व है, जो आत्मशुद्धि और शक्ति का प्रतीक माना जाता है. नवरात्रि में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. प्रत्येक स्वरूप मानव जीवन के विभिन्न गुणों का प्रतिनिधित्व करता है. पहले दिन कलश स्थापना कर देवी का आवाह्न किया जाता है और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है. यह पर्व केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मा को ऊर्जा देने और जीवन से नकारात्मकता दूर करने का समय है. जिले में उत्सव का माहौल : नवरात्र को लेकर जिले भर में उत्साह का वातावरण है. पहले दिन सुबह 7:30 बजे पावरगंज देवी मंडप से भव्य कलश शोभायात्रा निकलेगी. इसमें आधुनिक व पारंपरिक ढोल-नगाड़ों, झंडे-पताकों के साथ महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल होंगे. शोभायात्रा बड़ा तालाब होते हुए गुदरी बाजार ठाकुरबाड़ी मंदिर पहुंचेगी. मौके पर वृंदावन से आयीं प्रसिद्ध कथा वाचक साध्वी कुमारी शिवांजलि नौ दिनों तक प्रतिदिन रात 7:30 बजे से संगीतमय भक्ति भजनों के साथ प्रवचन करेंगी. केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति ने सभी श्रद्धालुओं से समय पर पावरगंज देवी मंडप पहुंचने का आग्रह किया है.
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