खेती कर आत्मनिर्भर हो रहे हैं कैरो के किसान, दूसरे राज्यों की तरफ नहीं कर रहे हैं पलायान

खेती कर आत्मनिर्भर हो रहे हैं कैरो के किसान

jharkhand news, lohardaga news लोहरदगा : कैरो प्रखंड के अधिकतर किसान खेती बारी कर अपना जीवन यापन करते हैं. कैरो प्रखंड क्षेत्र में 14388.83 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें कृषि योग्य भूमि 8100.24 हेक्टेयर है. इसमें नहर से सिंचित भूमि 4891.99 हेक्टेयर है. कैरो पंचायत की बात करें तो 1089.42 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है.

इसमें 592.73 हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है. अभी के समय में कैरो, उतका, बिराजपुर व जमुंटोली के किसान कैरो व भंडरा प्रखंड क्षेत्र की सीमा पर स्थित नंदनी जलाशय से निकली तीन नहर के सहारे किसान 80 प्रतिशत भूमि में गेहूं की फसल लगाये हैं. नंदनी जलाशय से निकलने वाली नहर किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है. नहर के वजह से किसानों को गेंहू की फसल की पटवन में कम खर्च आती है.

कैरो पंचायत के अलावा नरौली, बंडा, नगड़ा, एडादोन, सुकरहुटु के किसान भी काफी मात्रा में नहर किनारे गेहूं की फसल लगाये है. किसानों का कहना है नहर में पानी नियमित रूप से समय पर मिलने से किसान आज आत्मनिर्भर बन रहे हैं. उतका, बिराजपुर के किसानों को नहर में पानी मिलने से आज लोग रोजी रोजगार के लिए दूसरे राज्य जाना छोड़ कर घर पर ही खेती कर आत्मनिर्भर बन रहें हैं.

Posted By : sameer Oraon

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By Prabhat Khabar News Desk

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