लोहरदगा़ उपायुक्त व उप-विकास आयुक्त के निर्देशानुसार सदर प्रखंड सभागार में मिशन वात्सल्य के तत्वावधान में बाल विवाह के रोकथाम को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ. इसमें प्रशासनिक अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, धर्मगुरु और स्थानीय नागरिक शामिल हुए. अध्यक्षता कर रही प्रमुख सुनीता कच्छप ने कहा कि बाल विवाह समाज की गंभीर समस्या है. यह बच्चों के अधिकारों का हनन करता है और उनके भविष्य को अंधकारमय बना देता है. खासकर बालिकाओं पर इसका गहरा असर पड़ता है, जिससे शारीरिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां उत्पन्न होती हैं. उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकना सामूहिक जिम्मेदारी है. सभी के बीच जागरूकता फैलाकर इसे समाप्त करने की दिशा में कदम उठाने होंगे. संरक्षण पदाधिकारी अनुरंजन कुमार ने मिशन वात्सल्य के तहत किशोर न्याय अधिनियम की जानकारी दी. उन्होंने बच्चों के रेस्क्यू, पुनर्वासन और पुनःसमेकन की प्रक्रिया, प्रशासनिक सहयोग और संस्थागत सेवाओं के बारे में बताया. साथ ही बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की जानकारी दी. कहा कि यह कानून बाल विवाह को अपराध मानता है और इसके उल्लंघन पर दंड का प्रावधान है. कानून का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है. सेन्हा में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनी विश्वकर्मा पूजा
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