लोहरदगा़ लोहरदगा जिले में आमजनों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने सघन जांच अभियान छेड़ दिया है. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ मोईन अख्तर के नेतृत्व में बक्सीडीपा और बदला स्थित रैपनिंग चैंबर का औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान फलों को पकाने की विधि, रख-रखाव और फूड लाइसेंस जैसे दस्तावेजों की गहन जांच की गयी. जांच में पाया गया कि व्यवसायी फल पकाने के लिए एफएसएसएआइ द्वारा प्रमाणित इथिलिन गैस का उपयोग कर रहे हैं. डॉ अख्तर ने स्पष्ट निर्देश दिया कि फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे प्रतिबंधित रसायनों का प्रयोग कतई न करें. सेहत के लिए घातक है कार्बाइड : खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि कार्बाइड से पके फल किडनी, लीवर और तंत्रिका तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. पहचान : कार्बाइड से पके फल असमान रूप से पीले और आकर्षक दिखते हैं, लेकिन उनमें तीखी रासायनिक गंध होती है और स्वाद फीका होता है. सुरक्षित विकल्प : विशेषज्ञों के अनुसार, इथिलिन गैस प्राकृतिक रूप से फलों में पायी जाती है. इसके उपयोग से पके फल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होते. विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी. यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा.
कार्बाइड मुक्त फलों के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी
कार्बाइड मुक्त फलों के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी
