कैरो में जलस्तर गिरने से पानी के लिए जलमीनारों पर लगी लंबी कतारें

कैरो में जलस्तर गिरने से पानी के लिए जलमीनारों पर लगी लंबी कतारें

कैरो़ प्रखंड क्षेत्र में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. पारा चढ़ने के साथ ही प्राकृतिक जलस्रोत जवाब देने लगे हैं, जिससे पेयजल का गंभीर संकट गहरा गया है. स्थिति यह है कि ग्रामीणों को पानी के लिए कुओं, चापानलों और सोलर जलमीनारों पर घंटों लाइन लगानी पड़ रही है. दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. नदियों के बीच भी प्यासे हैं ग्रामीण : विडंबना यह है कि कैरो प्रखंड के पूर्व में कंदनी, पश्चिम में नंदनी नदी और उत्तर में नंदनी डैम स्थित है. इन जलस्रोतों से निकली नहरों से ख्वासम्बवा, नरौली, आकाशी, बिराजपुर समेत कई गांवों के किसान लाभान्वित होते हैं. हालांकि, नदियों में जल संचय की कोई ठोस व्यवस्था (जैसे चेकडैम या एनीकट) नहीं होने के कारण बारिश का पानी बह जाता है. नतीजा यह है कि प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद गर्मी आते ही चापानल सूख जाते हैं और जलस्तर काफी नीचे चला जाता है. सूरज निकलने से पहले लग रही कतारें : प्रखंड मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में जहां सोलर संचालित प्याऊ लगे हैं, वहां सुबह होने से पहले ही लोग गैलन और जार लेकर कतारों में खड़े हो जाते हैं. घरेलू कामकाज के लिए महिलाओं को दूर-दराज के खेतों में स्थित कुओं का सहारा लेना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि जल संचय और नयी पाइपलाइन योजनाओं पर ध्यान देते, तो आज किसानों और आम जनता को इस भीषण जल संकट से निजात मिल सकती थी.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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