कुड़ू प्रखंड में हाथियों का आतंक, चार मौतें और करोड़ों का नुकसान

कुड़ू प्रखंड में हाथियों का आतंक, चार मौतें और करोड़ों का नुकसान

कुड़ू़ कुड़ू प्रखंड में पिछले 18 माह से हाथियों का एक बड़ा झुंड लगातार डेरा जमाये हुए है. कभी कैरो, कभी भंडरा तो कभी कुड़ू क्षेत्र में घूमते इन हाथियों ने अब तक लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की फसल और घरों को नुकसान पहुंचाया है. हाथियों के हमले में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. चंदलासो, जिंगी, ककरगढ़ और उडुमुड़ू पंचायत के ग्रामीण भय और दहशत में जीने को विवश हैं. मार्च 2024 में कुड़ू क्षेत्र में दाखिल हुए हाथी : मार्च 2024 में कुड़ू क्षेत्र में दाखिल हुए हाथियों ने शुरुआत से ही खेतों में लगी फसलों को बर्बाद करना शुरू कर दिया. घरों की दीवारें तोड़ी गयीं, फलदार पेड़ और सोलर पैनल ध्वस्त कर डाले गये. अप्रैल में चंदलासो डैम के पास सिंचाई करने गये किसान महाबीर उरांव को हाथियों ने कुचल कर मार डाला. इसके बाद मई में झुंड से बिछड़ा एक हाथी कुड़ू लौट आया और चंदलासो, चिताकोनी व कौवाखाप में जमकर तांडव मचाते हुए कई घरों को ध्वस्त कर दिया. जून में तान गांव निवासी उमेश उरांव की मौत हाथियों को गांव में घुसने से रोकने के दौरान कुएं में गिरने से हो गयी थी. बरवाटोली जंगल में हाथियों के झुंड ने एक अधेड़ ग्रामीण कुड़ू थाना के जिंगी गांव निवासी बिनोद टाना भगत को साइकिल सहित पटक कर घायल कर दिया था. अधेड़ ने किसी तरह भाग कर जान बचाया था. सितंबर 2024 में हाथियों का झुंड कुड़ू शहरी क्षेत्र में घुस आया : सितंबर 2024 में हाथियों का झुंड कुड़ू शहरी क्षेत्र के हमीद नगर पहुंच गया. वहां हाथियों को देखने पहुंचे उत्तर प्रदेश के शामली जिले के निवासी और कुड़ू के दामाद मो शौकीन को हाथियों ने कुचल कर मार डाला. दिसंबर में हाथियों ने माराडीह हाई स्कूल की खिड़की और तीन घरों को ध्वस्त कर डाला. खेतों की लगी फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो गयी. इसके बाद झुंड चंदवा और बालूमाथ क्षेत्र की ओर चला गया. मार्च 2025 में फिर लौटा हाथियों का झुंड : मार्च 2025 में हाथियों का झुंड फिर से कुड़ू लौटा. 18 हाथियों का झुंड कुड़ू के जिंगी पंचायत के जोंजरो नामनगर पतरा, सुकुरहुटू पतरा, राहें पहाड़ व तान के बाद कैरो तथा भंडरा क्षेत्र में डेरा जमाये हुए हैंं. बडमारा गांव में एक किसान को पटककर घायल करने के बाद झुंड ने उडुमुड़ू और चंदलासो पंचायत के कई गांवों में तांडव मचाया. दर्जनों घरों को ध्वस्त कर दिया और लाखों की फसल रौंद दी. इस दौरान दीवार गिरने से एक वृद्ध महिला और एक बच्ची घायल हो गयी. जंगल में लकड़ी चुनने गयी मंगरी उरांव भी हाथियों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गयी. गत शनिवार की शाम तान गांव निवासी वृद्ध सीताराम उरांव को हाथियों ने कुचल कर मार डाला. वन विभाग लगभग 25 लाख रुपये का मुआवजा बांट चुका है : वन विभाग अब तक प्रभावित तीन मृतकों के परिजनों और फसल व घर क्षति की भरपाई के रूप में लगभग 25 लाख रुपये का मुआवजा बांट चुका है. बावजूद इसके ग्रामीणों में विभाग को लेकर आक्रोश है. उनका कहना है कि विभाग हाथियों को सुरक्षित कॉरिडोर तक पहुंचाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है. लगातार हो रहे हमलों से दहशत का माहौल है और ग्रामीण रातजगा कर हाथियों से सुरक्षा करने को मजबूर हैं.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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