किस्को. मूर्ति विसर्जन के साथ प्रखंड क्षेत्र में दुर्गा पूजा का समापन शांतिपूर्ण तरीके से हुआ. विभिन्न स्थानों पर भव्य शोभायात्रा निकाली गयी और मां दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन नदी, तालाब तथा अन्य जलाशयों में किया गया. शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु ढोल, नागड़ा और डीजे की थाप पर नाचते रहे, और जय माता दी के नारों की गूंज से क्षेत्र गुंजायमान रहा. नवरात्र के नौ दिनों तक विभिन्न पंडालों में भक्तों ने मां के दर्शन किये. कई स्थानों पर कीर्तन और भंडारे का आयोजन भी हुआ. मेरले, नावाडीह, जनवल, पतगेच्छा, हेसापिढ़ी, आरेया सहित अन्य क्षेत्रों में दुर्गा पूजा आयोजित की गयी़ जगह-जगह पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गयी. विजयादशमी की सुबह पंडालों में ब्राह्मणों ने पूजा-अर्चना और हवन-यज्ञ किया. इसके बाद मां दुर्गा सहित भगवान श्री गणेश, श्री कार्तिकेय, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती की मूर्तियों की शोभायात्रा निकाली गयी. आरती के उपरांत मूर्तियों का विसर्जन किया गया. विसर्जन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. मौके पर मुखिया जतरु उरांव, मजिस्ट्रेट संजीत कुमार, प्रकाश कुमार, आशीष कुमार, राजकुमार मुंडा, राहुल कुमार, सचिन, देवानंद सहित ग्रामीण और पुलिसकर्मी मौजूद थे़ सभी ने मिलकर शांति व्यवस्था सुनिश्चित की और पूजा कार्यक्रम को सफल बनाया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
