कुड़ू़ झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा लोहरदगा जिला की बैठक बुधवार को प्रखंड परिसर के समीप हुई. इसमें झारखंड आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान, प्रतीक चिह्न और प्रमाण पत्र देने की मांग उठायी गयी. साथ ही आंदोलनकारियों के लिए अलग पहचान पत्र, उनके पुत्र-पुत्रियों को रोजगार की गारंटी, जेल जाने की बाध्यता समाप्त करने, सम्मान पेंशन 50-50 हजार रुपये, सोशल सिक्योरिटी के तहत 15 लाख रुपये का समूह बीमा और 10 लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग राज्य सरकार से की गयी. बैठक में टॉल प्लाजा टैक्स और रेल यात्रा में गाड़ियों से टैक्स वसूली का भी विरोध किया गया. निर्णय लिया गया कि सभी मांगों को लेकर 19 सितंबर को बिरसा मुंडा चौक (अबुआ दिशुम अबुआ राज के नायक स्थल) पर धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम किया जायेगा. बैठक को संबोधित करते हुए पुष्कर महतो ने कहा कि राज्य के निर्माता आंदोलनकारियों के लिए सोशल सिक्योरिटी का अभाव दुर्भाग्यपूर्ण है. घटना-दुर्घटना में कई आंदोलनकारी परिवार बेसहारा हो जाते हैं, लेकिन अधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हैं और आंदोलनकारियों को मान-सम्मान नहीं मिल रहा. जितेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि झारखंड में भ्रष्टाचार अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और आंदोलनकारी इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे. रोजलीन तिर्की ने कहा कि लोहरदगा का योगदान राज्य निर्माण में अहम रहा है, लेकिन आंदोलनकारी आज भी हाशिये पर हैं. प्रभारी अंथन लकड़ा ने कहा कि आंदोलनकारियों को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी. रामानंद साहू ने आह्वान किया कि सभी आंदोलनकारी गोलबंद होकर संघर्ष करें. बैठक में नागेंद्र साहू, हाजी सुलतान, अनंत राम, छेदी अंसारी, महादेव भगत, अमानत अंसारी, विजय कुजूर, नागेश्वर यादव, बुधराम उरांव समेत काफी संख्या में आंदोलनकारी उपस्थित थे.
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