टूटी-फूटी सड़कें और जाम नालियां : जनता का रोजमर्रा का संघर्ष

टूटी-फूटी सड़कें और जाम नालियां : जनता का रोजमर्रा का संघर्ष

लोहरदगा़ डीसी द्वारा बार-बार निर्देश देने के बावजूद नगर परिषद क्षेत्र की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. शहर की टूटी-फूटी सड़कों और जाम नालियों ने विकास के खोखले दावों की पोल खोल दी है. महात्मा गांधी पथ, जिसे पहले भट्टी रोड के नाम से जाना जाता था, हल्की बारिश में घुटनों तक पानी में डूब जाता है. लोग गीले और गंदे कपड़ों में अपने घरों तक पहुंचते हैं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष परेशानी होती है. नगर परिषद की लापरवाही और गंदा पानी : नगर परिषद का कार्यालय सड़क से मात्र 20 कदम की दूरी पर होने के बावजूद सफाई और जल निकासी का नामोनिशान नहीं है. घरों तक नालियों का गंदा पानी घुस रहा है. लोग कई बार फरियाद लेकर कार्यालय गये, लेकिन उन्हें कोई समाधान नहीं मिला. नागरिकों का रोष और व्यंग्य : स्थानीय लोग अब कहने लगे हैं कि कम से कम सड़क का नाम बदल दिया जाये ताकि महात्मा गांधी के नाम की खिल्ली न उड़ सके. उनकी परेशानियों से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कोई मतलब नहीं है़ इनकी उदासीनता लोगों में नाराजगी पैदा कर रही है. निनी में 15 को आदिवासी जितिया जतरा का आयोजन किस्को. आदिवासी जितिया जतरा समिति सह चाला सरना समिति निनी के तत्वावधान में 15 सितंबर, सोमवार को नवाडीह पंचायत के निनी में आदिवासी जितिया जतरा का आयोजन किया जायेगा. कार्यक्रम निनी के फुटबॉल मैदान में दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा. समिति ने जानकारी दी कि इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा सांसद सह स्थायी सदस्य कोयला, खान एवं इस्पात सुखदेव भगत शामिल होंगे. जतरा में मौजूद सभी खोड़हा दलों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया जायेगा. साथ ही सर्वश्रेष्ठ ड्रेस और अनुशासन का पालन करने वाली टीम को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार दिया जायेगा. आयोजकों ने बताया कि प्रत्येक खोड़हा दल की न्यूनतम संख्या 30 सदस्यों की अनिवार्य होगी.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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