गोड्डा : शहर के चपरासी मोहल्ला में सोमवार की देर रात नमाज के बाद ईद-उल-मिलाद नबी प्रोग्राम का एहतेमाम किया गया. प्रोग्राम में बतौर मुख्य इसलामी वक्ता औरंगाबाद से मौलाना तौकीर रजा साहब ने शिरकत की.
इसके अलावा मौलाना जाहिद अख्तर, कलकत्ता के मौलाना अनवर हासमी, मौलाना खुर्शीद, मौलाना सयदूल रहमान आदि इसलामी विद्वानों ने तकरीर व नातिया कलाम प्रस्तुत कर पूरी रात चपरासी मोहल्ले को गुलजार किया. मौके पर जामा मसजिद पेश इमाम हाफीज कारी आजाद मुख्य रूप से मौजूद थे.
सबसे बड़ा त्योहार
मौलाना तौकीर रजा ने तकरीर में बताया कि यह मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार है. हुजूर जब दुनियां में तशरीफ लाये तो दुनिया से बुराइयां खत्म हुई. अज्ञानता से लोग बाहर आये. ज्ञान की रौशनी फैली. उन्होंने वहां उपस्थित लोगों से इस्लामी कैलेंडर और इससे जुड़े त्योहार के बारे में देर तक प्रकाश डाला.
इन्होंने किया था इंतजाम
गुलाम-ए-मुस्तफा कमेटी की ओर से मिलादून नबी प्रोग्राम में सारा इंतजाम किया गया था. आकर्षक लाइटिंग, पंडाल, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करायी गयी थी. सैयद इम्तियाज हुसैन ने जानकारी देकर बताया कि जुलूस में कमेटी की ओर से आर्टिफिसियल मक्का का भी इंतजाम किया गया. इस दौरान कमेटी सदस्यों में सैयद कमरूल हसन, मो. सहाबुद्दीन उर्फ बब्लू, हासीम खान आदि उपस्थित थे.
