गिरिडीह : फिल्म निर्माण के लिए गिरिडीह में मुंबई जैसी सुविधाएं कतई नहीं हैं– न तकनीकी, न आर्थिक और न ही दक्ष चेहरे. लेकिन जोश व जज्बे को कम्युनिटी की ताकत मिली, तो यहां सेल्यूलाइड वाली 35 एमएम की फिल्म बन गयी. गिरिडीह की इस धरती को ‘गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो’ जैसी पहली भोजपुरी फिल्म निर्माण का गौरव प्राप्त है.
अब खोरठा भाषा की नवनिर्मित फिल्म ‘साजन के बाहों में’ इसकी अगली कड़ी है. फिल्म 10 जनवरी को स्वर्ण चित्र मंदिर में रिलीज होगी. छह जनवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जमुआ में फिल्म के पोस्टर का ऑनलाइन विमोचन किया था. अगस्त 2012 में फिल्म का मुहूर्त शॉट मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के हाथों हुआ था.
