– गोपी कुंवर –
मजदूर नहीं करते हैं शिकायत
लोहरदगा : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण गारंटी अधिनियम के तहत प्रत्येक जिला में शिकायत, निवारण हेतु लोकपाल को अधिकृत किया गया है. लोहरदगा जिला में अब तक मनरेगा के तहत मात्र दो शिकायतें लोकपाल के पास पहुंची हैं. ग्रामीण स्तर पर हमेशा मनरेगा में अनियमितता की शिकायत लोग करते हैं.
विदित है कि मनरेगा के तहत प्रत्येक अकुशल मजदूर जिनका जॉब कार्ड बना हुआ है, काम मांगने पर उसे काम दिया जाना है. अगर उसे काम नहीं दिया जाता है तो फिर उसे बेरोजगारी भत्ता देने हैं.
काम मिलने पर 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान अनिवार्य रूप से किया जाना है. अगर 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ तो संबंधित पदाधिकारी, कर्मचारी को दंडित करने का प्रावधान है. मनरेगा कार्य में अगर अनियमितता दिखती है तो उसे लोकपाल से लिखित शिकायत किया जा सकता है.
लोकपाल उसे जांच कर मजदूरी का भुगतान करायेगा. साथ ही साथ दोषी पदाधिकारी, कर्मचारी को मनरेगा अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जायेगी. विदित हो कि मनरेगा अधिनियम के तहत अगर फर्जी ग्रामसभा, जॉब र्का में गड़बड़ी, काम मांगने पर पावती रसीद देना अनिवार्य है.
काम मांगने के छह दिन के अंदर काम देना अनिवार्य है. कार्य स्थल पर बच्चों के खेलने, मेडिकल कीट, रोड, पीने के पानी की व्यवस्था है कि नहीं, किये गये कार्य की गुणवत्ता, खाताधारी का सही रख-रखाव, उपलब्ध आवंटन का सही इस्तेमाल हो रहा है कि नहीं, अगर उपरोक्त किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा पाया जाता है तो कोई भी व्यक्ति लिखित शिकायत लोकपाल से कर सकता है. लोकपाल लिखित शिकायत के आधार पर केस दायर कर जांच कर कार्रवाई करेंगे.
