तीन साल पहले पिता ने बेचा था

– जौली विश्वकर्मा – गुमला : घाघरा प्रखंड के कोहीपाठ जामटोली ग्राम निवासी रामपति महली की नाबालिग पुत्री मोना कुमारी (काल्पनिक नाम) को भारतीय किसान संघ रांची ने शनिवार को बाल कल्याण समिति गुमला कार्यालय को सौंप दिया. ज्ञात हो कि रामपति महली ने तीन वर्ष पूर्व लगभग पांच वर्ष की उम्र में सौतेली पुत्री […]

– जौली विश्वकर्मा –

गुमला : घाघरा प्रखंड के कोहीपाठ जामटोली ग्राम निवासी रामपति महली की नाबालिग पुत्री मोना कुमारी (काल्पनिक नाम) को भारतीय किसान संघ रांची ने शनिवार को बाल कल्याण समिति गुमला कार्यालय को सौंप दिया.

ज्ञात हो कि रामपति महली ने तीन वर्ष पूर्व लगभग पांच वर्ष की उम्र में सौतेली पुत्री मोना को दिल्ली में गोपाल प्लेसमेंट एजेंसी को बेच दिया था.

इस संबंध में बाल कल्याण समिति के सदस्य अलख नारायण सिंह व किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य शंभु सिंह ने बताया कि मोना कुमारी को भारतीय किसान संघ रांची द्वारा शनिवार को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया है.

बेचे जाने के बाद से प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा दिल्ली में तीन अलग अलग स्थानों व पंजाब में कुल तीन अलग अलग स्थानों में कार्य पर लगाया था. पंजाब के भगोड़ा नामक स्थान में घर मालिक शशिबाला द्वारा मोना को शारीरिक व मानसिक यातना दी जाती थी. उसे यक्ष्मा बीमारी हो गयी थी.

बीमारी से ग्रसित होने पर घर मालिक ने उसका इलाज लगभग 4 दिन अस्पताल में कराया था. पंजाब से फिर वापस प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा उसे दिल्ली में एक घर में कार्य पर लगाया गया था. इस संबंध में मोना ने कहा कि ऐसे पिता का होना नहीं होना बराबर है.

पिता के जेल जाने के बाद वह हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करेगी. उधर,रामपति महली ने कहा कि वह दिल्ली में सकरपुर सब्जी मार्केट में कार्य करता था. इस दौरान वह गोपाल प्लेसमेंट एजेंसी के यहां खाना खाया करता था. इसी क्रम में प्लेसमेंट एजेंसी के संचालक गोपाल ने पुत्री को मांगा था. उसने मोना को बेचा नहीं था.

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