सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत चल रहा है कार्यक्रमलोहरदगा. नेहरू युवा संगठन एवं गृह मंत्रालय के सहयोग से सातवीं जनजातीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. इसका उद्देश्य आदिवासी युवक-युवतियों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ना है. जो कि दूर दराज के क्षेत्रों के रहनेवाले हैं और जिन्हें दुनिया में होनेवाली घटनाओं एवं बहुआयामी विकास की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती है. ग्रामीण युवक-युवतियों को देश के विभिन्न प्रदेशों का भ्रमण कर वहां के लोगों से मिलने-जुलने तथा वहां की संस्कृति और समाज की जानकारी प्रत्यक्ष रुप से प्राप्त करने का अवसर मिलता है. वर्ष 2014-15 के लिये झारखंड के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र लोहरदगा जिला को भी चयनित किया गया है. कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिले में गृह मंत्रालय के माध्यम से 158 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को यह जिम्मेदारी दी गयी है. जो कि नेहरू युवा केंद्र के सहयोग से इस कार्यक्रम क ा आयोजन कर रहा है. इसके अंतर्गत जिले से 76 आदिवासी जनजाति के युवक-युवतियों को चयनित कर देश के चार शहरों गुवाहाटी, जयपुर, चेन्नई एवं पुणे में एक सप्ताह के लिये भेजा जा रहा है. इन शहरों में जाकर इन युवक-युवतियों को वहां की संस्कृति, विकास, व्यवस्था और पर्यटन स्थल देखने का मौका मिलेगा. साथ ही वहां के लोगों से मिलने-जुलने एवं एक-दूसरे को जानने एवं समझने का अवसर भी मिलेगा. इस संदर्भ में 23 फरवरी को 19 सदस्यीय दूसरा दल जयपुर के लिये रवाना किया गया. इस कार्यक्रम में नौ मार्च को तीसरा दल पुणे एवं 22 मार्च को अंतिंम दल चेन्नई के लिये भेजा जायेगा. मौके पर 158 बटालियन के कमांडेंट नरेंद्र सिंह, उप कमांडेंट अजय कुमार, अनामी शरण, ललिता कुमारी आदि मौजूद थे.
दूसरा दल जयपुर रवाना हुआ
सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत चल रहा है कार्यक्रमलोहरदगा. नेहरू युवा संगठन एवं गृह मंत्रालय के सहयोग से सातवीं जनजातीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. इसका उद्देश्य आदिवासी युवक-युवतियों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ना है. जो कि दूर दराज के क्षेत्रों के रहनेवाले हैं और जिन्हें दुनिया में होनेवाली घटनाओं एवं […]
