फोटो- एलडीजीए-10 खराब पड़ा चापानल.भंडरा/लोहरदगा. गरमी शुरू होते ही प्रखंड में पेयजल की समस्या बढ़ने लगी है. पानी की समस्या को लेकर गांव के लोग चिंतित हैं. इस क्षेत्र के लोगों को मूल रुप से पेयजल चापानल से ही मिलता है. परंतु प्रखंड क्षेत्र के 80 प्रतिशत चापानल खराब पड़े हुए हैं. लोगों को पानी के लिए पारंपरिक स्रोत या कुएं पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है. पारंपरिक स्रोत नदी, कुएं, तालाब सूखने लगा है. चापानल नाकामयाब साबित हो रहा है. गांव में खराब पड़े चापानलों को मरम्मत करवाने की जिम्मेवारी कोई नहीं ले रहा है. पेयजल स्वच्छता विभाग के पदाधिकारियों का कहना है कि चापानल मरम्मत का काम पंचायत द्वारा किया जाना है. पंचायतों को चापानल मरम्मत करने के लिए राशि दी गयी है. मुखिया का कहना है कि एक वर्ष पहले राशि मिली थी. उसे खर्च किया जा चुका है. अब पंचायत में राशि नहीं है. पंचायत प्रतिनिधि का कहना है कि उन्हें ग्रामीण हमेशा शिकायत कर रहे हैं कि चापानल की मरम्मत नहीं हो रही है. बीडीओ अजय भगत ने इस संबंध में कहा कि गांव में चापानल खराब रहने के कारण ग्रामीण आवेदन लेकर प्रखंड कार्यालय आ रहे हंै.
जल समस्या से जुझने लगे भंडरावासी
फोटो- एलडीजीए-10 खराब पड़ा चापानल.भंडरा/लोहरदगा. गरमी शुरू होते ही प्रखंड में पेयजल की समस्या बढ़ने लगी है. पानी की समस्या को लेकर गांव के लोग चिंतित हैं. इस क्षेत्र के लोगों को मूल रुप से पेयजल चापानल से ही मिलता है. परंतु प्रखंड क्षेत्र के 80 प्रतिशत चापानल खराब पड़े हुए हैं. लोगों को पानी […]
