कुडू/लोहरदगा : वर्ष 2015 के आगमन के साथ ही कुडूवासियों के अधूरे सपने परवान चढ़ने लगे हैं. स्थिर सरकार बनने के बाद कुडूवासियों की उम्मीदें प्रबल हो गयी है कि अधूरी विकास योजनाएं पूर्ण होंगी और अपेक्षित विकास होगा.जजर्र सड़कों, अधूरे भवनों, खेल मैदान का अभाव सहित मूलभूत सुविधाओं का क्षेत्र में अभाव है.
एक खेल मैदान तक नहीं : प्रखंड में एक भी खेल मैदान नहीं है. शहरी क्षेत्र में संत विनोबा भावे खेल मैदान के लिए भू-दान यज्ञ कमेटी के नाम पर जमीन है. खेल मंत्रालय झारखंड सरकार ने सभी प्रखंडों में मिनी स्टेडियम निर्माण के लिए उक्त जमीन का चयन किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से मिनी स्टेडियम का निर्माण नहीं हो पाया. पांच वर्षो से मिनी स्टेडियम का निर्माण धरातल पर प्रारंभ भी नहीं हो पाया है.
जमीन उपलब्ध, मॉडल भवन का निर्माण नहीं : दो वर्ष पूर्व जिंगी में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने कुडू प्रखंड सह अंचल कार्यालय के मॉडल भवन निर्माण का ऑनलाइन शिलान्यास किया था. इसके बाद से भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है.
भवन निर्माण प्रारंभ कराने के लिए कई उपायुक्त सुधांशु भूषण बरवार, रतन कुमार, परमजीत कौर एवं विनोद शंकर सिंह के द्वारा ठेकेदार को जमीन आवंटित कराने का निर्देश अंचल प्रशासन को दिया था. लेकिन कोई पहल नहीं की गयी. छह माह पूर्व जमीन उपलब्ध कराया गया, लेकिन ठेकेदार ने काम प्रारंभ तक नहीं किया.
सड़कों की स्थिति जजर्र : प्रखंड के पश्चिमी क्षेत्र की लाइफलाइन माने जानेवाली कुडू-धौरा सड़क की स्थिति बदतर है. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क भी जजर्र हो गयी है. इसके अलावा कई ऐसे अधूरे भवन हैं जिसके कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
अब तक पूरा नहीं हो पाया लोहरदगा-टोरी रेललाइन : लोहरदगा से टोरी तक रेलवे विस्तारीकरण का कार्य 14 वर्षों से चल रहा है. तीन बार समय बढ़ाया गया है. लेकिन अभी कार्य पूरा नहीं हो पाया है. संभव है कि यह कार्य 2015 में भी पूरा हो.
