दारूल इफ्ता समाज को जोड़ता है

लोहरदगा. मदरसा इसलामिया कुरैशिया बगड़ू रोड में दारूल इफ्ता का उदघाटन किया गया. मौके पर एदारेसरिया झारखंड के मौलाना मुफ्ती आबिद हुसैन मिसवाही मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे. विशिष्ट अतिथि के रूप में मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी मौजूद थे. मौके पर वक्ताओं ने कहा कि हर मुसलमान को ऐसी जिंदगी गुजारने की जरूरत है, […]

लोहरदगा. मदरसा इसलामिया कुरैशिया बगड़ू रोड में दारूल इफ्ता का उदघाटन किया गया. मौके पर एदारेसरिया झारखंड के मौलाना मुफ्ती आबिद हुसैन मिसवाही मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे. विशिष्ट अतिथि के रूप में मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी मौजूद थे. मौके पर वक्ताओं ने कहा कि हर मुसलमान को ऐसी जिंदगी गुजारने की जरूरत है, जिससे अल्लाह व रसूल राजी हो जाये और किसी को तकलीफ न पहुंचे. उन्हांेने कहा कि दारूल इफ्ता समाज को जोड़ने का काम करता है. वक्ताओं ने कुरआन व हदीश और फतवा की रोशनी में जिंदगी गुजारने की नसीहत दी. मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा कि दारूल कजा और दारूल इफता फास्ट ट्रैक कोर्ट का एक हिस्सा है. समारोह की अध्यक्षता मौलाना रियाजुद्दीन साहब ने की. मौके पर मुफ्ती एजाज हुसैन, मौलाना मोजीकुर रहमान, कारी अयूब, मौलाना मुमताज, हाफीज गुलाम, अफरोज कुरैशी, रेयाज कादरी, हाफीज जाहीद, इरफानुल कादरी, मौलाना अब्दुल लतीफ, नेहाल कुरैशी, इबरार कुरैशी, एहसान कुरैशी, हाजी अलीम, वसीम कुरैशी, यासिन कुरैशी, गुलाम मोहमद सहित अन्य लोग मौजूद थे.

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