अशोक महतो का आज होगा अंतिम संस्कार

परिजनों ने दस वर्षों तक तलाशा, नहीं मिला कोई सुरागएलडीजीए-15 अशोक महतो.कैरो(लोहरदगा). माता-पिता की बूढ़ी आंखे अभी भी अपने पुत्र के लौटने का इंतजार कर रही है. वहीं तीन बेटी व दो बेटे अपने पिता को खोजते फिर रहे हैं. परिजन पुलिस व थाने का चक्कर लगा कर थक चुके हैं, लेकिन उनके कलेजे का […]

परिजनों ने दस वर्षों तक तलाशा, नहीं मिला कोई सुरागएलडीजीए-15 अशोक महतो.कैरो(लोहरदगा). माता-पिता की बूढ़ी आंखे अभी भी अपने पुत्र के लौटने का इंतजार कर रही है. वहीं तीन बेटी व दो बेटे अपने पिता को खोजते फिर रहे हैं. परिजन पुलिस व थाने का चक्कर लगा कर थक चुके हैं, लेकिन उनके कलेजे का टुकड़ा नहीं मिला. कुछ वर्षो तक तो लोगों ने साथ दिया, लेकिन धीरे-धीरे लोग अपने कामों में लग गये और परिवार के लोग अकेला रह गये. यह मामला है लोहरदगा जिला के कैरो प्रखंड का. कैरो निवासी अशोक महतो (पिता- चरकू महतो) का अपहरण खूंटी जिला के रनिया थाना क्षेत्र से उग्रवादियों ने 16 अक्तूबर 2004 को कर हत्या कर दी गयी थी. शव व हत्या से संबंधित कोई साक्ष्य न मिलने के कारण परिजनों द्वारा उनका अंतिम संस्कार नहीं किया गया था. अपहरण के दस वर्ष बीत जाने के बाद अंतिम संस्कार आज 16 अक्तूूबर 2014 को कैरो नदी तट पर कर दिया जायेगा. अशोक महतो तोरपा में रह कर एलआइसी का काम करते थे. साथ ही दैनिक जागरण अखबार के प्रतिनिधि भी थे. यह जानकारी उनके छोटे भाई विनोद महतो ने दी.

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