लोहरदगा़ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) नयी दिल्ली और झालसा, रांची के निर्देशानुसार शनिवार को लोहरदगा सिविल कोर्ट परिसर में वर्ष के द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) सह डालसा अध्यक्ष राजकमल मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन झारखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने किया. वर्चुअल कार्यक्रम में पीडीजे राजकमल मिश्रा और डालसा सचिव मनोरंजन कुमार भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े. छह बेंचों में हुई मामलों की सुनवाई : डालसा सचिव मनोरंजन कुमार ने बताया कि लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल छह बेंचों का गठन किया गया था. बेंच संख्या एक में डीजे प्रथम स्वयंभू के नेतृत्व में बिजली विभाग के मामले देखे गये. बेंच दो में डीजे द्वितीय नीरजा असरी ने पारिवारिक विवाद, एमएसीटी और सिविल अपील मामलों की सुनवाई की. बेंच तीन में सीजेएम केके मिश्रा के नेतृत्व में आपराधिक शमनीय वाद और उत्पाद विभाग के मामले निपटाये गये. बेंच चार और पांच में क्रमशः रोहित कुमार और अमित कुमार गुप्ता के नेतृत्व में बैंक ऑफ इंडिया, एसबीआइश् पीएनबी, ग्रामीण बैंक सहित अन्य वित्तीय संस्थानों के ऋण संबंधी मामले सुलझाये गये. बेंच छह में पूनम सुनीता बाड़ा के नेतृत्व में कंज्यूमर फोरम और लेबर लॉ से जुड़े मामलों का निष्पादन हुआ. रिकॉर्ड निष्पादन और राजस्व प्राप्ति : इस लोक अदालत में आपसी सुलह के आधार पर कुल 1,354 वादों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया. इससे कुल 1,32,90,142 रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई. निस्तारित किये गये मामलों में 140 वाद विभिन्न न्यायालयों में लंबे समय से लंबित थे, जबकि शेष प्री-लिटिगेशन मामले थे. सामाजिक समरसता का संदेश : निरीक्षण के दौरान पीडीजे राजकमल मिश्रा ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य समाज में प्रेम, शांति और समरसता बनाये रखना है. उन्होंने इसे आम नागरिकों को कम खर्च में त्वरित न्याय दिलाने का सबसे सशक्त मंच बताया. मौके पर न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता और काफी संख्या में वादकारी उपस्थित थे.
राष्ट्रीय लोक अदालत में 1354 मामलों का निपटारा, 1.32 करोड़ से अधिक की राजस्व वसूली
राष्ट्रीय लोक अदालत में 1354 मामलों का निपटारा, 1.32 करोड़ से अधिक की राजस्व वसूली
