बारियातू़ प्रखंड के साल्वे पंचायत अंतर्गत अलखडीहा टोला निवासी मंगली देवी (पति बाबूलाल उरांव) की मौत झोलाछाप चिकित्सक कमल उरांव द्वारा गलत इंजेक्शन देने से हो गयी थी. प्रभात खबर ने रविवार को इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. खबर प्रकाशित होने के बाद बालूमाथ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रकाश बड़ाइक रविवार को मृतका के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने घटना की पूरी जानकारी ली और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी. डॉ बड़ाइक ने कहा कि विभाग इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ हैं और हर संभव सहायता प्रदान की जायेगी. उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गयी है, जो हर पहलू की जांच करेगी. दोषी पाये जाने पर झोलाछाप चिकित्सक कमल उरांव के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी. इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के फार्मासिस्ट मो अबु होरैरा, जेएमएम नेता राजदेव उरांव समेत कई ग्रामीण मौजूद थे. सरकारी अस्पताल में करायें इलाज : डॉ बड़ाइक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रकाश बड़ाइक ने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी बीमारी का इलाज झोलाछाप चिकित्सकों से नहीं करायें. उन्होंने कहा कि सरकार की पहल पर बारिखाप गांव में आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित है, जहां हर बीमारी का इलाज और उचित परामर्श निःशुल्क उपलब्ध है.यहां प्रशिक्षित चिकित्सकों की व्यवस्था है. खून, पेशाब, एक्स-रे जांच और दवा की सुविधा भी दी जाती है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इन सरकारी सुविधाओं का लाभ उठायें और झोलाछापों के चक्कर में पड़कर अपनी जान खतरे में न डालें.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
