चंदवा़ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के मौके पर पथ संचलन निकाला गया. इस दौरान स्वयंसेवक काली टोपी, खाकी पेंट व सफेद शर्ट व हाथों में तलवार लेकर जयघोष कर रहे थे. पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए काफी संख्या में स्वयंसेवकों ने करीब चार किमी के पथ संचलन में भाग लिया. पथ संचलन के बाद ग्रीन फील्ड एकेडमी के परिसर में गोष्ठी व शस्त्र पूजन कार्यक्रम हुआ. रांची से आये वरीय स्वयंसेवक स्वामी दिव्यज्ञान जी ने कहा कि विजयदशमी पर वर्ष 1925 में नागपुर में डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी. पंच परिवर्तन के अंतर्गत हम सब अपने दैनिक जीवन में सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली एवं स्वदेशी को अपनायें तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन करें. कहा कि संघ के स्वयंसेवक हमेशा देश सेवा के लिए तत्पर रहते हैं. संघ के स्वयंसेवकों ने कभी हार नहीं मानी. पथ संचलन हमें अनुशासन में रहने के लिए प्रेरित करता है. उन्होंने जाति-पाति, ऊंच-नीच के भेद को खत्म करते हुए समरसता पर जोर देते हुए कहा कि सारा समाज, सारा भारत एक है. यह भाव हर देशवासी में लाना जरूरी है. राजेश चंद्र पाण्डेय ने कहा कि हमें राष्ट्र के सर्वांगीण उन्नति के लिए काम करना है. अधिवक्ता संघ लातेहार के अध्यक्ष लाल अरविंद नाथ शाहदेव ने कहा कि कई प्रकार के षड्यंत्र द्वारा हमारे हिंदुत्व को तोड़ने का प्रयास किया गया, परंतु हमारे देश के महापुरुष व राजाओं ने घास की रोटी खाकर जंगलों में रह कर इस भारत को अखंड बनाये रखने के प्रयास किये. मौके पर नरेंद्र अग्रवाल, मनोज सिंह पप्पू, निर्मल शर्मा, संतोष साहू, नवल किशोर लाल, रामवृक्ष चौधरी, उत्तम साहनी, श्रीप्रसाद गुप्ता, गणेश बरई, शंभू शर्मा, रामनाथ गुप्ता, अमरदीप प्रसाद साहू, गोपाल जायसवाल, राजेंद्र यादव, अजय वैद्य, डाॅ अनील, अरुण शर्मा, पवन कुमार, अरुण चौधरी, राजन विश्वकर्मा, विष्णु कुमार, वीरेंद्र प्रसाद, किशोर कुमार समेत काफी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद थे.
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